मैथन: दामोदर घाटी विस्थापित एवं स्थानीय समन्वय समिति के प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को डीवीसी मैथन परियोजना प्रमुख के साथ अहम बैठक की. इस दौरान समिति द्वारा उठाए गए कई मांगों को डीवीसी प्रबंधन ने स्वीकार किया, वहीं कुछ अन्य मांगों पर विचार करने का आश्वासन दिया गया.
बैठक में समिति ने पुनर्वासित परिवारों को भूमि का स्वामित्व अधिकार देने, पुनर्वासित गांवों के समग्र विकास को प्राथमिकता देने और मैथन परियोजना के 10 किलोमीटर के दायरे में जामताड़ा सहित अन्य प्रभावित गांवों में सीएसआर के तहत विकास कार्य करने की मांग रखी. इसके अलावा, परियोजना प्रभावित लोगों को अस्थायी व अकुशल नौकरियों में रोजगार देने, डीवीसी क्वार्टरों को पट्टे पर देने, विस्थापितों को रोजगार के बदले 15 लाख रुपये का मुआवजा देने, दुकानों के लिए भूमि आवंटित करने और उन व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की गई, जिन्होंने आवंटित भूमि का उपयोग व्यवसायिक उद्देश्य के बजाय आवासीय उद्देश्यों के लिए किया.
बैठक में मैथन पोस्ट ऑफिस चौक क्षेत्र में स्थानीय लोगों के लिए सुलभ शौचालय निर्माण, मैथन पंचेत परियोजना में ग्रामीणों के लिए बिजली एवं पानी की व्यवस्था, विस्थापित एवं स्थानीय बेरोजगारों को व्यापार के अवसर देने हेतु दुकानों का आवंटन जैसे बिंदुओं पर सहमति बनी. साथ ही, परियोजना प्रमुख ने प्रभावित गांवों के समग्र विकास के लिए एक विशेष कमेटी गठित करने का भरोसा दिलाया.

इस महत्वपूर्ण बैठक में डीवीसी मैथन परियोजना प्रमुख सुमन प्रसाद सिंह, वरिष्ठ महाप्रबंधक संजीव श्रीवास्तव (एचआर एवं सीएसआर), वरिष्ठ महाप्रबंधक (सिविल) प्रवीर चंद, जीएम एस साहू, वरिष्ठ प्रबंधक पार्थ सारथी मुखर्जी सहित समिति के महासचिव उत्पल चक्रवर्ती, सचिव अमरनाथ साहू, अध्यक्ष सजल रजक, उपाध्यक्ष शीतल राय, वरिष्ठ परामर्शदाता सुभाष मंडल और संयुक्त सचिव बदन दास समेत अन्य प्रतिनिधि शामिल थे.
बैठक के दौरान परियोजना प्रमुख ने विस्थापितों की समस्याओं के समाधान के लिए हरसंभव प्रयास करने का आश्वासन दिया, जिससे प्रभावित परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है.











