रांची: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दौरान स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने MGM Hospital Jamshedpur के नए भवन में जलापूर्ति व्यवस्था को लेकर उठे सवालों का विस्तृत जवाब दिया। यह प्रश्न विधायक सरयू राय द्वारा सदन में उठाया गया था।
मंत्री ने बताया कि अस्पताल के उद्घाटन के समय पानी की अस्थायी व्यवस्था Jharkhand State Building Construction Corporation Limited (JSBCCL) और निर्माण कंपनी की ओर से की गई थी। उन्होंने कहा कि स्वयं स्थल निरीक्षण कर जिला प्रशासन और टाटा प्रबंधन के साथ स्थायी समाधान को लेकर सकारात्मक चर्चा की गई है।
डीप बोरिंग असफल, टैंकर से हो रही आपूर्ति
डॉ. अंसारी ने जानकारी दी कि वैकल्पिक व्यवस्था के तहत डीप बोरिंग कराई गई थी, लेकिन क्षेत्र में जलस्तर काफी नीचे होने के कारण सभी बोरिंग असफल रहे। फिलहाल नगर निगम द्वारा टैंकर के माध्यम से जलापूर्ति की जा रही है, ताकि अस्पताल की सेवाएं प्रभावित न हों।
₹9 करोड़ से बनेगा वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट (WTP)
जल संकट के स्थायी समाधान के लिए सरकार ने महाविद्यालय परिसर में वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट (WTP) स्थापित करने हेतु लगभग ₹9 करोड़ की राशि स्वीकृत कर दी है। इस परियोजना का कार्य प्रगति पर है और जल्द इसे पूरा कर लिया जाएगा। मंत्री ने भरोसा दिलाया कि WTP बनने के बाद अस्पताल में नियमित और सुरक्षित जलापूर्ति सुनिश्चित होगी।
पूर्व सरकार पर उठाए सवाल
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि पूर्ववर्ती रघुवर दास सरकार के समय अस्पताल भवन के लिए ऊंचाई वाले भूभाग का चयन किया गया, जहां वाटर टेबल काफी नीचे है। उन्होंने आरोप लगाया कि स्थल चयन में पर्याप्त गंभीरता नहीं बरती गई, जिसके कारण आज जल संकट की स्थिति उत्पन्न हुई।
“हम गंभीर हैं, जल्द होगा स्थायी समाधान”
मंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा,
“हमारी सरकार पूरी तरह संवेदनशील और गंभीर है। मैंने स्वयं इस मामले को संज्ञान में लिया है और बहुत जल्द इसका स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। एमजीएम अस्पताल का संचालन पूरी तरह सुचारू और दुरुस्त किया जाएगा।”













