सिंदरी: सिंदरी गुरुद्वारा स्थित स्वास्थ्य केंद्र में आयोजित किट वितरण कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य विभाग के वरुण कुमार ने कहा कि फाइलेरिया मच्छरों के काटने से होता है और यह मच्छर घर् के आसपास स्थित नालियों और जमा गंदे पानी में पनपता है। फाइलेरिया रोग के लक्षण परिलक्षित होने में 10-15 साल लग जाते हैं। इस कारण समय पर इलाज नहीं होने पर लोग दिव्यांग बन सकते हैं। इसलिए सरकार फाइलेरिया को मिटाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।
डॉक्टरों ने क्या कहा:
इस अवसर पर डॉ. दिलीप कुमार ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से नाइट ब्लड सर्वे के माध्यम से फाइलेरिया के संदिग्ध मरीजों की पहचान की जा रही है। फाइलेरिया के संक्रमित मरीजों के निःशुल्क उपचार की व्यवस्था की गई है। इस दौरान 30 से अधिक फाइलेरिया के मरीजों को एमएमडीपी किट का वितरण किया गया। इस किट में टब, मग, तौलिया, साबुन, एंटीफंगल, एंटीबायोटिक और आईंटमेंट उपलब्ध है। किट के माध्यम से फाइलेरिया से संक्रमित अंगों की साफ-सफाई कर अंगों को दिव्यांगता से बचाया जा सकता है।
मौके पर सहिया राखी देवी, चुनकी देवी, रेखा देवी, अंजना राय, छाया मौजूद थी।












