मदर्स डे: एक बेटी की श्रद्धांजलि और संघर्ष की कहानी
माँ—एक ऐसा शब्द जिसमें पूरे जीवन का सार छिपा है. दुनिया की हर माँ अपने बच्चों के लिए असीम प्रेम, त्याग और समर्पण का प्रतीक होती है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि मदर्स डे मनाने की शुरुआत एक बेटी ने अपनी माँ की याद और उनके समाज के प्रति किए गए योगदान को जीवंत रखने के लिए की थी?
एना जारविस, जिनका जन्म 1 मई 1864 को अमेरिका में हुआ था, को मदर्स डे का संस्थापक माना जाता है. उनकी माँएन रीव्स जारविस न सिर्फ अपने बच्चों के लिए बल्कि समाज के जरूरतमंद लोगों के लिए भी एक प्रेरणा थीं. एन रीव्स ने अपने जीवनकाल में कई सामाजिक सेवाएँ कीं, विशेष रूप से माताओं और बच्चों के कल्याण के लिए. उन्होंने मदर्स डे क्लब की स्थापना भी की थी, जिसके माध्यम से वे पीड़ितों की सेवा करती थीं.
एन रीव्स के जीवन में संघर्ष कम नहीं थे. वे एक समाजसेवी थीं, जिन्होंने अमेरिका के सिविल वॉर के दौरान युद्ध से प्रभावित लोगों की सहायता की. उनके 13 बच्चों में से 9 बच्चों को उन्होंने खो दिया, लेकिन इस अपार दुःख और पीड़ा के बावजूद उन्होंने अपने बाकी बच्चों के लिए जीने की हिम्मत नहीं छोड़ी. वे अंत तक लोगों की सेवा करती रहीं.
अपनी माँ की इसी निस्वार्थ सेवा और संघर्ष को सम्मान देने के लिए एना जारविस ने मदर्स डे को एक विशेष दिन के रूप में मनाना शुरू किया. उनकी माँ के निधन के तीन साल बाद, उन्होंने इस दिन को औपचारिक रूप से स्थापित करने की पहल की, ताकि दुनिया भर की माताओं को वह सम्मान मिले जिसकी वे हकदार हैं.
माँ केवल एक दिन नहीं, हर दिन सम्मान की हकदार हैं.
हर माँ अपने बच्चों के लिए अपने जीवन का हर क्षण समर्पित कर देती है. उनके बलिदान, प्रेम, और त्याग को केवल एक दिन तक सीमित नहीं किया जा सकता. मदर्स डे निश्चित रूप से एक सुंदर अवसर है, जब हम अपनी माँ को बता सकते हैं कि वे हमारे लिए कितनी खास हैं. लेकिन सच तो यह है कि माँ हर दिन हमारी खुशी और भलाई के लिए सोचती हैं—तो क्या हम भी उन्हें हर दिन विशेष अनुभव नहीं करवा सकते?
उनकी छोटी-छोटी खुशियों का ख्याल रखना, उनकी भावनाओं को समझना, और उनके प्रति आभार व्यक्त करना ही सच्चा सम्मान है.यह सिर्फ उपहार देने या एक दिन के सेलिब्रेशन तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि हर दिन उन्हें यह अहसास दिलाना चाहिए कि वे हमारे जीवन की सबसे महत्वपूर्ण शख्सियत हैं.
तो क्यों न हर दिन को मदर्स डे की तरह जिया जाए.












