Dhanbad: नालसा के निर्देश पर शनिवार को वर्ष 2025 की तीसरी नेशनल लोक अदालत का उद्घाटन झारखंड के मुख्य न्यायाधीश त्रिलोक सिंह चौहान ने ऑनलाइन रांची से किया। इस अवसर पर धनबाद के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह डालसा चेयरमैन वीरेंद्र कुमार तिवारी ने कहा कि लोक अदालत अब लोगों के जीवन का हिस्सा बन चुकी है। यह संविधान के सामाजिक, आर्थिक व सस्ता न्याय की परिकल्पना को साकार करती है।
उन्होंने बताया कि लोक अदालत से महीनों का समय और मुकदमेबाजी में होने वाली आर्थिक हानि बचती है, साथ ही समाज में प्रेम, सौहार्द और समरसता कायम रहती है। डीडीसी सादात अनवर ने कहा कि जिला प्रशासन, डालसा के साथ मिलकर आम लोगों के हित में कार्य कर रहा है। धनबाद बार एसोसिएशन अध्यक्ष राधेश्याम गोस्वामी और एसएसपी प्रभात कुमार ने भी लोक अदालत की भूमिका को सराहा।
अवर न्यायाधीश सह डालसा सचिव मयंक तुषार टोपनो ने जानकारी दी कि प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के आदेश पर 13 बेंच गठित किए गए थे। इनके माध्यम से 3,69,322 विवादों का निपटारा कर ₹2,14,99,31,042 की रिकवरी की गई। इसमें 38,563 लंबित वाद और 3,30,759 प्री-लिटिगेशन मामले शामिल थे।
इस मौके पर विभिन्न न्यायिक पदाधिकारी, डीडीसी, एसबीआई के अधिकारी, लोक अदालत के अध्यक्ष, उपभोक्ता फोरम की सदस्य व अधिवक्ता मौजूद रहे। लोक अदालत के सफल आयोजन के लिए न्यायाधीशों, विभागीय अधिकारियों और बार एसोसिएशन को धन्यवाद दिया गया।













