Jharkhand: हजारीबाग जिला प्रशासन ने सुशासन और पारदर्शिता को सशक्त करने की दिशा में एक अहम कदम उठाया है। उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह के निर्देश पर आज जिले के सभी 16 प्रखंडों में वरीय पदाधिकारियों ने समेकित निरीक्षण और समीक्षा अभियान चलाया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न सरकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत का आकलन किया और कई विद्यालयों में बच्चों के साथ बैठकर मध्यान्ह भोजन किया।
मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता पर फोकस: अधिकारियों ने बच्चों संग किया भोजन
इस अभियान की सबसे खास पहल रही विद्यालयों में मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता की जांच। सभी वरीय पदाधिकारियों ने अपने-अपने नामित प्रखंडों में सरकारी प्राथमिक और मध्य विद्यालयों का दौरा किया और बच्चों के साथ भोजन किया।
इसका उद्देश्य केवल भोजन की गुणवत्ता परखना ही नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना था कि बच्चों को समय पर स्वच्छ, संतुलित और पौष्टिक भोजन मिल रहा है या नहीं।
मुख्य बिंदु:
- भोजन की गुणवत्ता का सीधे अनुभव कर अधिकारियों ने दिया सशक्त संदेश।
- बच्चों में उत्साह और भोजन तैयार करने वाले कर्मचारियों में जिम्मेदारी की भावना का संचार।
- विद्यालयों में नामांकन, शिक्षण व्यवस्था और स्कूल प्रबंधन समिति की सक्रियता का भी निरीक्षण।
मनरेगा से लेकर प्रधानमंत्री आवास योजना तक – योजनाओं का ऑनग्राउंड रिव्यू
अधिकारियों ने प्रधानमंत्री आवास योजना, मनरेगा, जल जीवन मिशन सहित कई महत्वपूर्ण योजनाओं की प्रगति और गुणवत्ता की समीक्षा की।
- मनरेगा कार्यस्थलों पर जाकर कार्य की गुणवत्ता देखी गई।
- प्रधानमंत्री आवास योजना में लाभुकों तक पहुंच और निर्माण की स्थिति पर चर्चा हुई।
- जल जीवन मिशन के तहत जलापूर्ति योजनाओं की जांच की गई।
स्वास्थ्य और जनजातीय कल्याण पर विशेष जोर
PVTG (Particularly Vulnerable Tribal Groups) समुदाय को दी जा रही योजनाओं की स्थिति का भी आकलन किया गया। अधिकारियों ने स्वास्थ्य केंद्रों में जाकर दवाओं की उपलब्धता, साफ-सफाई और चिकित्सीय सेवाओं का जायजा लिया।
कृषि और आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में भी निरीक्षण
अधिकारियों ने धान अधिप्राप्ति केंद्रों पर जाकर किसानों से वास्तविक धान खरीद की स्थिति, भंडारण और भुगतान प्रक्रिया का अवलोकन किया। साथ ही, जिले में भारी बारिश से प्रभावित कच्चे मकानों और प्राकृतिक आपदा के शिकार लोगों की मदद के लिए तैयारियों की समीक्षा की।
उपायुक्त का संदेश
उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह ने कहा:
“इस समेकित निरीक्षण का उद्देश्य योजनाओं को धरातल पर प्रभावी ढंग से लागू करना, लाभुकों तक सीधा लाभ पहुंचाना और अधिकारियों की उत्तरदायित्वपूर्ण भागीदारी सुनिश्चित करना है।”
उन्होंने सभी वरीय पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे निरीक्षण की विस्तृत रिपोर्ट जल्द उपलब्ध कराएं ताकि संज्ञान में आए मामलों का शीघ्र समाधान हो सके।
अभियान में शामिल अधिकारी
इस निरीक्षण अभियान में उप विकास आयुक्त इश्तियाक अहमद, अपर समाहर्ता संतोष कुमार, एसडीओ सदर व बरही, भू-अर्जन पदाधिकारी निर्भय कुमार, डीआरडीए निदेशक मां देव प्रिया, जिला आपूर्ति पदाधिकारी सुधीर कुमार सहित अन्य वरीय अधिकारी शामिल रहे।












