शुक्रवार, अक्टूबर 16, 2026
Khabar Mantra
No Result
View All Result
  • होम
  • झारखंड
    • रांची Ranchi
    • धनबाद Dhanbad
    • जमशेदपुर Jamshedpur
    • पलामू Palamu
    • कोडरमा Koderma
    • गढ़वा Garhwa
    • गिरिडीह Giridih
    • गुमला Gumla
    • देवघर Deoghar
    • दुमका Dumka
    • बोकारो (Bokaro)
    • जामतारा Jamtara
    • सिमडेगा Simdega
    • हजारीबाग Hazaribagh
    • लोहरदगा Lohardaga
    • चतरा Chatra
    • चाईबासा Chaibasa
    • गोड्डा Godda
    • खूंटी Khunti
    • लातेहार Latehar
    • पाकुड़ Pakur
    • रामगढ़ Ramgarh
    • साहिबगंज Sahibganj
    • सरायकेला खरसावां Seraikela Kharsawan
  • क्राइम
  • देश
    • बिहार
  • धर्म-अध्याय
  • खेल
  • शिक्षा
  • लाइफस्टाइल
    • मनोरंजन Entertainment
  • खबर हटके
  • टेक्नोलॉजी
Khabar Mantra
Sumitra Enclave Kokar Ranchi - Festive Apartment Booking Sumitra Enclave Kokar Ranchi - Festive Apartment Booking Sumitra Enclave Kokar Ranchi - Festive Apartment Booking

Pitru Paksha में इन 4 जीवों को भोजन कराना क्यों माना जाता है जरूरी? जानें पंचबलि का रहस्य

Pitru Paksha: पितृ पक्ष में गाय, कौआ, कुत्ते और चींटियों को भोजन क्यों कराया जाता है? जानें पंचबलि की परंपरा और इससे जुड़ी धार्मिक मान्यताएं।

सितम्बर 27, 2026
in धर्म-अध्याय
A A
Pitru Paksha में गाय, कौआ और कुत्ते को भोजन कराने की परंपरा

पितृ पक्ष में पंचबलि के तहत गाय, कौआ, कुत्ते और चींटियों को भोजन कराने की परंपरा मानी जाती है

Share on FacebookShare on Twitter
WhatsApp चैनल से जुड़ें ताजा समाचार सीधे WhatsApp पर पाएं
जॉइन करें
Google News पर खबर मन्त्र को फॉलो करेंझारखंड की हर ब्रेकिंग खबर के लिए स्टार दबाएं
फॉलो करें
यह खबर सुनेंऑडियो
समय: ~6 मिनट•हिंदी बुलेटिन

Pitru Paksha: पितृ पक्ष में श्राद्ध और तर्पण के साथ जीव-जंतुओं को भोजन कराने की भी परंपरा है। श्राद्ध का भोजन तैयार होने के बाद कई घरों में सबसे पहले उसका कुछ हिस्सा गाय, कौए, कुत्ते और चींटियों के लिए निकाला जाता है। धार्मिक मान्यताओं में इन जीवों को पितरों, देवताओं और यमराज से जुड़े प्रतीकों के तौर पर देखा जाता है। आइए जानते हैं इस परंपरा के पीछे क्या मान्यता है।

Table of Contents

Toggle
  • Pitru Paksha में कौए को भोजन क्यों खिलाते हैं?
    • गाय को भोजन कराने की क्या है मान्यता?
      • कुत्ते को भोजन कराने का महत्व
      • देवताओं को भी अर्पित किया जाता है भोजन
      • चींटियों को भोजन कराने के पीछे क्या मान्यता है?
        • पितृ पक्ष में पंचबलि की परंपरा का महत्व

Pitru Paksha में कौए को भोजन क्यों खिलाते हैं?

श्राद्ध कर्म में कौए को भोजन कराने की परंपरा का विशेष महत्व माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, कौए का संबंध पितरों और यमराज से जोड़ा जाता है। यही वजह है कि श्राद्ध का भोजन कौए के लिए अलग से निकाला जाता है।

📌 यह भी पढ़ें:
  • शेर नहीं, गधा है मां कालरात्रि का वाहन, जानें इसके पीछे की मान्यता
  • राशिफल 16 अक्टूबर 2026: मां कात्यायनी की कृपा से इन राशियों को होगा लाभ? ये लोग हो जाए सतर्क
  • रांची की दुर्गाबाड़ी में क्यों नहीं होती नवरात्र के पहले दिन कलश स्थापना? जानिए 143 साल पुरानी परंपरा

मान्यता है कि यदि कौआ श्राद्ध का भोजन ग्रहण कर ले, तो इसे पितरों की तृप्ति का संकेत माना जाता है। इसी विश्वास के चलते कई परिवार श्राद्ध के दिन घर की छत, आंगन या किसी खुले स्थान पर कौए के लिए भोजन रखते हैं।

गाय को भोजन कराने की क्या है मान्यता?

हिंदू धर्म में गाय को पूजनीय माना गया है। पितृ पक्ष के दौरान गाय को भोजन कराने की भी परंपरा है, जिसे कई जगह गौ ग्रास कहा जाता है।

झारखंड मुख्य समाचार एवं विशेष रिपोर्ट
Special Report

ताजा प्रादेशिक एवं राष्ट्रीय अपडेट्स
Top Updates
ताजा प्रादेशिक एवं राष्ट्रीय अपडेट्स

धार्मिक मान्यता के अनुसार, गाय को भोजन कराना पुण्यकारी माना जाता है और इसे पूर्वजों के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने से भी जोड़ा जाता है। श्राद्ध के भोजन में से रोटी, चारा या गाय के लिए उपयुक्त खाद्य सामग्री अलग निकालकर खिलाई जाती है।

कुत्ते को भोजन कराने का महत्व

पितृ पक्ष में कुत्ते को भोजन कराने की परंपरा भी कई परिवारों में देखने को मिलती है। धार्मिक मान्यताओं में कुत्ते का संबंध यमराज से बताया गया है। इसे यमराज के द्वारपालों से भी जोड़ा जाता है।

मान्यता के अनुसार, श्राद्ध के दौरान कुत्ते को भोजन कराना पितरों के प्रति सम्मान और श्रद्धा का प्रतीक है। इसके साथ ही इसे जीवों के प्रति दया, सेवा और करुणा की भावना से भी जोड़ा जाता है।

खबर मन्त्र विशेष वीडियो रिपोर्ट
Exclusive Report
खबर मन्त्र विशेष वीडियो रिपोर्ट

देवताओं को भी अर्पित किया जाता है भोजन

श्राद्ध कर्म में केवल जीव-जंतुओं को ही भोजन कराने की परंपरा नहीं है, बल्कि देवताओं को भी भोजन का अंश अर्पित किया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, श्राद्ध में अग्नि देव, विश्वेदेव और अर्यमा का आह्वान किया जाता है।

कुछ परंपराओं में उपले या कंडे की धूनी पर घी, गुड़ और भोजन की थोड़ी मात्रा अर्पित करने की मान्यता है। माना जाता है कि देवताओं को अर्पित किया गया भोजन सूक्ष्म रूप से पितरों तक पहुंचता है। इसे श्राद्ध कर्म का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है।

चींटियों को भोजन कराने के पीछे क्या मान्यता है?

पितृ पक्ष की पंचबलि परंपरा में पिपीलिकादि बलि का भी उल्लेख मिलता है। इसके तहत चींटियों और छोटे जीवों के लिए भोजन का कुछ हिस्सा अलग रखने की परंपरा है।

खबर मन्त्र एक्सक्लूसिव पड़ताल एवं विश्लेषण
Exclusive

कई घरों में चींटियों के लिए आटा, चीनी या भोजन के छोटे कण जमीन पर रखे जाते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, छोटे जीवों को भोजन कराने से पुण्य मिलता है और यह सभी प्राणियों के प्रति दया और सह-अस्तित्व की भावना का प्रतीक माना जाता है।

पितृ पक्ष में पंचबलि की परंपरा का महत्व

कुल मिलाकर, पितृ पक्ष में गाय, कौआ, कुत्ता, चींटियों और अन्य जीवों को भोजन कराने की परंपरा को पंचबलि से जोड़कर देखा जाता है। अलग-अलग क्षेत्रों और परिवारों में इसकी विधि और मान्यताओं में अंतर हो सकता है।

धार्मिक दृष्टि से इस परंपरा का मूल भाव पूर्वजों के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने के साथ-साथ जीव-जंतुओं के प्रति करुणा और सेवा की भावना को बढ़ावा देना है।

Ritika Singh
Ritika Singh

कंटेंट राइटर एवं रिपोर्टर, खबर मन्त्र। झारखंड के स्थानीय समाचार, महिला विकास, कला और लाइफस्टाइल खबरों की विशेष रिपोर्टिंग।

झारखंड मुख्य समाचार एवं विश्लेषण
Special Coverage
झारखंड मुख्य समाचार एवं विश्लेषण

Related Posts

मां कालरात्रि गधे पर सवार, जानें उनके वाहन का धार्मिक महत्व
धर्म-अध्याय

शेर नहीं, गधा है मां कालरात्रि का वाहन, जानें इसके पीछे की मान्यता

अक्टूबर 16, 2026
राशिफल 16 अक्टूबर 2026: मां कात्यायनी की कृपा से इन राशियों को होगा लाभ? ये लोग हो जाए सतर्क
धर्म-अध्याय

राशिफल 16 अक्टूबर 2026: मां कात्यायनी की कृपा से इन राशियों को होगा लाभ? ये लोग हो जाए सतर्क

अक्टूबर 16, 2026
Why is the 'Kalash Sthapana' (installation of the ceremonial pot) not performed on the first day of Navaratri at Durgabari in Ranchi? Learn about this 143-year-old tradition.
झारखंड Jharkhand News

रांची की दुर्गाबाड़ी में क्यों नहीं होती नवरात्र के पहले दिन कलश स्थापना? जानिए 143 साल पुरानी परंपरा

अक्टूबर 15, 2026
Next Post
चुनाव आयोग के सर्वसम्मति से हुए सभी फैसले-SIR विवाद में आदित्य साहू का पलटवार

चुनाव आयोग के सर्वसम्मति से हुए सभी फैसले-SIR विवाद में आदित्य साहू का पलटवार

Major reshuffle in the police department of this district; several station in-charges transferred.

Jharkhand News: राज्य के इस जिले में Police महकमे में बड़ा फेरबदल, कई थाना प्रभारियों का तबादला

विज्ञापन
कोडरमा में पत्नी पर चाकू से हमला करने वाला आरोपी सलाखों के पीछे

कोडरमा में पत्नी पर चाकू से हमला करने वाला आरोपी सलाखों के पीछे

अक्टूबर 16, 2026

स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने 108 एंबुलेंस कर्मियों से की वार्ता, छठ तक नई एजेंसी बहाल करने की तैयारी

स्वास्थ्य मंत्री रील बनाने में मस्त, मरीज इलाज के लिए त्रस्त-रमाकांत महतो ने मांगा जवाब

तिरंगा मार्च से पहले अभिजीत दीपके हिरासत में, कनॉट प्लेस बना छावनी; नेहा बोरा भी डिटेन

शेर नहीं, गधा है मां कालरात्रि का वाहन, जानें इसके पीछे की मान्यता

108 एंबुलेंस कर्मचारियों की हड़ताल, पूरे राज्य में सेवा प्रभावित

Khabar Mantra

© 2025 Khabar Mantra

Navigate Site

  • Home
  • Privacy Policy
  • Corrections Policy
  • Editorial Policy
  • Terms of Service (नियम और शर्तें)
  • Contact Us
  • Sitemap

Follow Us

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In
व्हाट्सएप शेयर ग्रुप से जुड़ें
✕
अगला लेख
✕

Add New Playlist

No Result
View All Result
  • होम
  • झारखंड
    • रांची Ranchi
    • धनबाद Dhanbad
    • जमशेदपुर Jamshedpur
    • पलामू Palamu
    • कोडरमा Koderma
    • गढ़वा Garhwa
    • गिरिडीह Giridih
    • गुमला Gumla
    • देवघर Deoghar
    • दुमका Dumka
    • बोकारो (Bokaro)
    • जामतारा Jamtara
    • सिमडेगा Simdega
    • हजारीबाग Hazaribagh
    • लोहरदगा Lohardaga
    • चतरा Chatra
    • चाईबासा Chaibasa
    • गोड्डा Godda
    • खूंटी Khunti
    • लातेहार Latehar
    • पाकुड़ Pakur
    • रामगढ़ Ramgarh
    • साहिबगंज Sahibganj
    • सरायकेला खरसावां Seraikela Kharsawan
  • क्राइम
  • देश
    • बिहार
  • धर्म-अध्याय
  • खेल
  • शिक्षा
  • लाइफस्टाइल
    • मनोरंजन Entertainment
  • खबर हटके
  • टेक्नोलॉजी

© 2025 Khabar Mantra

📍

अपना शहर / जिला चुनें

झारखंड व बिहार के प्रमुख जिलों की ताजा खबरें

🌟 रांची (Ranchi) राजधानी 🌟 धनबाद (Dhanbad) कोयलांचल 🌟 जमशेदपुर (Tata) इस्पात नगरी बोकारो (Bokaro) पलामू (Palamu) हजारीबाग (Hazaribagh) गिरिडीह (Giridih) देवघर (Deoghar) कोडरमा (Koderma) दुमका (Dumka) रामगढ़ (Ramgarh) गढ़वा (Garhwa) गुमला (Gumla) चाईबासा (Chaibasa) चतरा (Chatra) लोहरदगा (Lohardaga) सिमडेगा (Simdega) जामताड़ा (Jamtara) खूंटी (Khunti) लातेहार (Latehar) साहिबगंज (Sahibganj) पाकुड़ (Pakur) गोड्डा (Godda) सरायकेला (Seraikela) 🚩 बिहार (Bihar News) 🏹 पूरा झारखंड (All)
होम आप का शहर K जॉब्स Shorts