रांची: झारखंड में साइबर क्राइम का शिकार हुए लोगों के लिए राहत की बड़ी खबर है। अब ऑनलाइन फ्रॉड से लूटे गए पैसे वापस मिल सकते हैं। झारखंड पुलिस महानिदेशक (DGP) ने हाईकोर्ट के आदेश के बाद एक अहम पत्र जारी करते हुए सभी जिलों के एसपी और साइबर सेल को सख्त निर्देश दिए हैं कि साइबर क्राइम के मामलों में त्वरित कार्रवाई की जाए और पीड़ितों को न्याय दिलाया जाए।
अब क्या बदलेगा?
- जिन मामलों में अब तक केस दर्ज नहीं होता था, अब उनमें भी होगी कार्रवाई
- पीड़ितों की बैंक डिटेल और ट्रांजैक्शन को गंभीरता से लिया जाएगा
- हाईकोर्ट के निर्देश के बाद डीजीपी स्तर से मॉनिटरिंग की जाएगी
- जल्द से जल्द पैसा वापस कराने की प्रक्रिया शुरू होगी
क्यों है यह फैसला जरूरी?
राज्य में हर साल हजारों लोग साइबर अपराध का शिकार होते हैं, लेकिन इन मामलों में शिकायत दर्ज कराने के बावजूद कार्रवाई की गति बेहद धीमी होती थी। आंकड़ों के अनुसार राज्य में 2024 में अब तक 11,763 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें 1930 मामलों में ही केस रजिस्टर हो पाया — यानी सिर्फ 16.4% केस। और इनमें से सिर्फ 652 मामलों में ही चार्जशीट दाखिल हुई।
अब हाईकोर्ट ने इस स्थिति पर गंभीरता दिखाई और डीजीपी को स्पष्ट निर्देश दिए कि लूटे गए पैसों की वापसी सुनिश्चित की जाए। इसके बाद डीजीपी ने सभी संबंधित अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने को कहा है कि पीड़ितों को राहत मिले और न्याय में देरी न हो।
अब क्या करें अगर आप साइबर क्राइम का शिकार हुए हैं?
- तुरंत अपने नजदीकी साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराएं
- बैंक ट्रांजैक्शन, कॉल रिकॉर्ड, व्हाट्सएप या ईमेल चैट जैसे सारे सबूत जमा करें
- 1930 हेल्पलाइन पर कॉल करके केस रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू करें
- FIR दर्ज न होने पर उच्च अधिकारी या कोर्ट का रुख करें












