Ranchi News: झारखंड सिविल सेवा परीक्षा 2023 के परिणाम गुरुवार सुबह जारी किए गए, और इन नतीजों ने एक बार फिर यह दिखा दिया कि अगर सही मार्गदर्शन और कठिन परिश्रम साथ हो, तो कोई भी मंज़िल दूर नहीं. इस बार की परीक्षा में सबसे अधिक सुर्खियों में रहे डीएसपी विकास चंद्र श्रीवास्तव, जिनके मार्गदर्शन में 140 से अधिक छात्रों ने सफलता का परचम लहराया है.
परीक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले आशीष अक्षत खुद डीएसपी श्रीवास्तव के शिष्य हैं. धनबाद निवासी आशीष, झारखंड पुलिस में इंस्पेक्टर सुबोध श्रीवास्तव के पुत्र हैं. उनके साथ ही टॉप 10 में डीएसपी के तीन और छात्र शामिल हैं— अभय कुजूर (रैंक 2), स्वेता (रैंक 5) और संदीप प्रकाश (रैंक 8).
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सिर्फ कोचिंग नहीं, एक मिशन है ‘श्रीवास्तव की पाठशाला’
डीएसपी विकास चंद्र श्रीवास्तव केवल कानून व्यवस्था के रक्षक नहीं, बल्कि अब युवा पीढ़ी के ‘मार्गदर्शक’ और ‘ऑफिसर मेकर’ के रूप में पहचाने जाते हैं. उनकी पाठशाला प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने वाली कोई आम कोचिंग नहीं, बल्कि अनुशासन, आत्मबल और समाज सेवा का भी प्रशिक्षण केंद्र बन चुकी है.
डीएसपी श्रीवास्तव ने क्या कहा?
उन्होंने कहा, हर छात्र में प्रतिभा होती है, बस ज़रूरत है उसे दिशा देने की. मेरी कोशिश यही रहती है कि छात्रों को आत्मविश्वास दिलाया जाए कि वे भी प्रशासनिक सेवा में सफल हो सकते हैं.
समाज को दे रहे नई दिशा
डीएसपी श्रीवास्तव की यह पहल उन युवाओं के लिए एक नई उम्मीद बनकर सामने आई है जो सीमित संसाधनों के बावजूद प्रशासनिक सेवाओं में करियर बनाना चाहते हैं. उनके कार्यों से यह सिद्ध होता है कि एक अधिकारी चाहे तो समाज में शिक्षा और प्रेरणा की क्रांति ला सकता है.
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डीएसपी विकास चंद्र श्रीवास्तव की शिक्षकीय भूमिका ने न केवल प्रतियोगी परीक्षा के स्वरूप को बदला है, बल्कि झारखंड के युवाओं में आत्मविश्वास और बदलाव की नई लहर भी जगा दी है. उनकी कहानी हर उस युवा के लिए प्रेरणा है जो संघर्ष के रास्ते पर सफलता की तलाश में है.













