रांची : शहीद सुभाष मुंडा की शहादत के दूसरे स्मृति दिवस पर रांची के दलादिली स्थित शहीद सुभाष मुंडा चौक पर हजारों की संख्या में लोग जुटे और श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर भाकपा माले (सीपीएम) ने संकल्प मार्च निकाला और एक संकल्प सभा का आयोजन किया।
जांच में लापरवाही का लगा आरोप
सभा को संबोधित करते हुए पार्टी की वरिष्ठ नेत्री बृंदा करात ने कहा कि सुभाष मुंडा युवाओं के बीच एक जननायक बन चुके थे और उन्होंने जमीन माफियाओं के खिलाफ आवाज उठाई थी। यही कारण था कि उन्हें साजिश के तहत मौत के घाट उतारा गया। उन्होंने आरोप लगाया कि जांच के लिए गठित एसआईटी अब तक हत्याकांड की गुत्थी नहीं सुलझा सकी है और पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपी साक्ष्य के अभाव में जमानत पर रिहा हो गए हैं। बृंदा करात ने सवाल उठाया कि जिस 1 एकड़ 19 डिसमिल भूमि विवाद को हत्या की वजह बताया जा रहा है, वह सिर्फ सतही सच है। असली मुद्दा यह है कि वह जमीन रैयत विष्णु मुंडा की है, जिसे भू-माफिया जबरन हथियाने की कोशिश कर रहे थे। सुभाष मुंडा उसी रैयत के पक्ष में खड़े थे और इसी वजह से वह निशाना बने। उन्होंने आशंका जताई कि हत्याकांड के पीछे ऊंची पहुंच वाले साजिशकर्ता हैं और जांच एजेंसी पर दबाव डाला जा रहा है।
मुख्यमंत्री खुद मामले में हस्तक्षेप कर दोषियों को दिलाएं सजा
पार्टी के राज्य सचिव प्रकाश विप्लव ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के उस वादे की याद दिलाई जिसमें उन्होंने शहीद के परिवार को न्याय दिलाने का आश्वासन दिया था। उन्होंने मांग की है कि मुख्यमंत्री खुद इस मामले में हस्तक्षेप करें और दोषियों को सजा दिलवाएं। सभा को सुभाष मुंडा की पत्नी कृति सिंह मुंडा, उनके पिता व पूर्व मुखिया ललित मुंडा, माता छोटन देवी, मदुआ कच्छप, किसान नेता सुफल महतो, राष्ट्रीय सरना समिति के अजय तिर्की, जय गोविंद मुंडा, सीपीएम नेता प्रफुल्ल लिंडा समेत कई वक्ताओं ने संबोधित किया।












