Jharkhand: कोडरमा जिला अंतर्गत तिलैया थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक बड़े ऑनलाइन सट्टेबाजी रैकेट का खुलासा करते हुए 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई 29 मई की रात एक गुप्त सूचना के आधार पर की गई, जिसमें बताया गया था कि मिटको कॉलोनी स्थित एक किराए के मकान में अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी का संचालन किया जा रहा है।
कैसे हुआ सट्टेबाजी रैकेट का खुलासा?
पुलिस अधीक्षक कोडरमा को प्राप्त सूचना के सत्यापन एवं त्वरित कार्रवाई हेतु पु0नि0-सह-प्रभारी विनय कुमार (तिलैया थाना) के नेतृत्व में एक विशेष छापामारी टीम का गठन किया गया। टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मिटको कॉलोनी स्थित मकान में छापा मारा और मौके से 9 लोगों को गिरफ्तार किया।
कैसे चलता था ऑनलाइन सट्टेबाजी का नेटवर्क?
पुलिस की जांच में सामने आया कि आरोपी Reddy App, 11xPlay और Cricbet99 जैसे प्लेटफ़ॉर्म का उपयोग कर IPL क्रिकेट, फुटबॉल, टेनिस और कैसिनो जैसे गेम्स पर ऑनलाइन सट्टा खेलते व खिलवाते थे।
- इच्छुक लोगों के लिए फर्जी तरीके से यूज़र आईडी और पासवर्ड तैयार कर उन्हें मुहैया कराया जाता था।
- गेम खेलने के लिए लोगों से उनके अकाउंट में पैसा मंगवाकर उन्हें ऑनलाइन कॉइन क्रेडिट किया जाता था।
- जीतने पर राशि को ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिया जाता था।
फर्जी दस्तावेजों का होता था इस्तेमाल
पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपी फर्जी दस्तावेजों के जरिए विभिन्न बैंकों में खाते खोलते थे और ट्रांजेक्शन पूरा होने से पहले ही पैसे निकाल लेते थे। बाद में बैंक उन खातों को बंद कर देते थे।
बरामदगी:
पुलिस ने आरोपियों के पास से भारी मात्रा में डिजिटल और फाइनेंशियल उपकरण बरामद किए हैं:
- 22 मोबाइल फोन
- 25 एटीएम कार्ड
- 11 बैंक चेकबुक
- 16 बैंक खाता विवरण
- 2 HP लैपटॉप
- 2 बंधन बैंक स्कैनर
- 1 BharatPe स्वैप मशीन
- 2 रजिस्टर जिनमें सट्टेबाजी का हिसाब दर्ज था
गिरफ्तार आरोपी:
- समिर आलम (धनबाद, झारखंड)
- रौनक कुमार (नवादा, बिहार)
- अमित कुमार (आरा, बिहार)
- प्रिंस कुमार (धनबाद, झारखंड)
- जितेन्द्र कुमार सिंह (पटना, बिहार)
- मनीष कुमार (समस्तीपुर, बिहार)
- कुणाल सिंह (पटना, बिहार)
- कुलेनद्र कुमार (गया, बिहार)
- विक्की कुमार (भोजपुर, बिहार)
एफआईआर और कानूनी कार्रवाई:
इस संबंध में तिलैया थाना कांड संख्या-173/25 दिनांक 30.05.2025 के तहत धारा 338, 336(3), 340(2), 292, 61(2) BNS, लॉटरी रेगुलेशन एक्ट की धारा 7/3/4 एवं IT एक्ट की धारा 66(B), 66(C) के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई जारी है।












