Online Payment Rules: डिजिटल इंडिया के दौर में ऑनलाइन फ्रॉड की बढ़ती घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) एक बड़ा क्रांतिकारी कदम उठाने जा रहा है। अब ₹10,000 से अधिक के ऑनलाइन पेमेंट को तुरंत प्रोसेस करने के बजाय 1 घंटे के लिए ‘होल्ड’ पर रखा जा सकता है।
फ्रॉड रोकने के लिए RBI का मास्टर प्लान
अक्सर देखा गया है कि साइबर ठग मनोवैज्ञानिक दबाव बनाकर जल्दबाजी में पैसे ट्रांसफर करवा लेते हैं। RBI का मानना है कि 1 घंटे की देरी से ग्राहक को यह सोचने का मौका मिलेगा कि ट्रांजैक्शन सही है या गलत। अगर ग्राहक को लगता है कि कुछ गड़बड़ है, तो वह उस 1 घंटे के भीतर ट्रांजैक्शन को कैंसिल कर सकेगा।
नए प्रस्ताव की 3 बड़ी बातें जो आपको जाननी चाहिए:
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‘किल स्विच’ (Kill Switch): अगर आपको जरा भी शक हो कि आपका अकाउंट हैक हो गया है, तो ‘किल स्विच’ के जरिए आप एक क्लिक में अपनी सभी डिजिटल पेमेंट सेवाओं को तुरंत बंद कर सकेंगे।
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सीनियर सिटीजंस के लिए डबल सुरक्षा: 70 साल से अधिक उम्र के बुजुर्गों के लिए ₹50,000 से ज्यादा के ट्रांजैक्शन पर एक ‘ट्रस्टेड पर्सन’ (भरोसेमंद व्यक्ति) की मंजूरी अनिवार्य हो सकती है।
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व्हाइटलिस्ट (Whitelist) की सुविधा: जिन लोगों को आप बार-बार पैसे भेजते हैं, उन्हें आप व्हाइटलिस्ट में डाल सकते हैं। ऐसे लोगों को पेमेंट करने पर 1 घंटे की देरी वाला नियम लागू नहीं होगा।
Online Payment Rules Change: क्या बदलेगा?
| सुविधा | वर्तमान स्थिति | नए प्रस्ताव के बाद |
| ₹10,000+ का पेमेंट | तुरंत ट्रांसफर | 1 घंटे का होल्ड (कैंसिल का विकल्प) |
| बुजुर्गों के लिए नियम | कोई विशेष मंजूरी नहीं | ₹50,000+ पर ‘ट्रस्टेड पर्सन’ की सहमति |
| अकाउंट हैक होने पर | कस्टमर केयर पर निर्भरता | ‘किल स्विच’ से तुरंत खुद सेवाएं बंद करें |
क्यों पड़ी इस कड़े नियम की जरूरत?
आंकड़े बताते हैं कि पिछले साल डिजिटल फ्रॉड के कारण देश को ₹22,000 करोड़ से ज्यादा का नुकसान हुआ। चौंकाने वाली बात यह है कि ₹10,000 से ऊपर के ट्रांजैक्शन कुल फ्रॉड वैल्यू का 98.5% हिस्सा हैं। यही कारण है कि RBI ने सुरक्षा और स्पीड के बीच संतुलन बनाने के लिए यह कदम उठाया है।
एक्सपर्ट व्यू: डिजिटल पेमेंट का आधार ‘तुरंत भुगतान’ है, लेकिन सुरक्षा सर्वोपरि है। यह नियम उन लोगों के लिए ढाल बनेगा जो अनजाने में ठगी का शिकार हो जाते हैं।












