मैथन/धनबाद: नियोजन एवं मुआवजे की मांग को लेकर खुशरी के रैयतों एवं ग्रामीणों ने गुरुवार को तीसरे दिन भी ईसीएल मुगमा एरिया के बैजना कोलियरी के खुशरी ओसीपी का काम बंद रखा। रैयत एवं ग्रामीण ओसीपी का काम बंद कर धरना पर बैठे हुए हैं। आंदोलनकारियों का कहना है कि जब तक हमारी मांगे नहीं पूरी होती, तब तक हम लोग ओसीपी का काम नहीं होने देंगे। हालांकि ईसीएल प्रबंधन ने ग्रामीणों से बातचीत कर मामले का समाधान निकालने का प्रयास किया। परंतु परिणाम के बेनतीजा रहा।
रैयतों एवं ग्रामीणों का नेतृत्व कर रहे खुशरी पंचायत के पूर्व मुखिया साधन रवानी ने कहा कि खुशरी ओसीपी में प्रबंधन रैयतों की जमीन से कोयला तो निकाल रहा है और रैयतों के जमीन पर ओबी गिराकर उन्हें बर्बाद भी कर रहा है। परंतु नियोजन देने के नाम पर प्रबंधन पल्ला झाड़ रही है। सिर्फ आश्वासन का घूट पीकर अब रैयत शांत रहने वाले नहीं है। या तो प्रबंधन रैयतों को नियोजन दे, नहीं तो ओसीपी का काम बंद रहेगा। ठीक है जमीन का मामला जांच का विषय है। परंतु कंपनी प्रबंधन जिनकी जमीन पर अवैध रूप से ओबी गिराकर बर्बाद कर दिया है, उसे पर तो विचार किया जाए। प्रबंधन इस पर ही विचार करने को राजी नहीं है। इसलिए ओसीपी काम बंद रहेगा। मौके पर काफी संख्या में रैयत एवं अन्य स्थानीय ग्रामीण मौजूद थे।













