Weather Updates: देश के कई राज्यों में लगातार हो रही भारी बारिश से जन-जीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने मंगलवार के लिए हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और बिहार में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन राज्यों में अगले 24 घंटे और खतरनाक साबित हो सकते हैं।
हिमाचल में बादल फटा, मंडी में तबाही
हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में सोमवार देर रात बादल फटने की घटना सामने आई है। अब तक 3 लोगों की मौत हो चुकी है और 2 लापता बताए जा रहे हैं। रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है और 15 से अधिक लोगों को बचाया जा चुका है।
चंडीगढ़-मनाली और मंडी-जोगिंदरनगर फोरलेन बंद कर दिए गए हैं। कई घरों में मलबा घुसने से लोग बेघर हो गए हैं।
मध्य प्रदेश के 34 जिलों में रेड अलर्ट जैसे हालात
मध्य प्रदेश के भोपाल, नर्मदापुरम, रायसेन, विदिशा, राजगढ़ और सीहोर जैसे शहरों में 4.5 से 8 इंच तक बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने 14 जिलों में अति भारी बारिश और 20 जिलों में भारी बारिश का अनुमान जताया है।
ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया समेत कई जिलों में बाढ़ जैसी स्थिति बन रही है।
राजस्थान में सड़कों पर नावें, 12 जिलों में स्कूल बंद
राजस्थान के भीलवाड़ा (बिजौलिया), चित्तौड़गढ़, कोटा, सिरोही और झालावाड़ में पानी इतना भर गया है कि सड़कों पर नावें चल रही हैं।
SDRF की टीमें बाढ़ में फंसे लोगों को रेस्क्यू कर रही हैं। टोंक-चित्तौड़गढ़ में हादसों में 2 लोगों की मौत हो चुकी है।
एहतियात के तौर पर 12 जिलों में स्कूलों को बंद कर दिया गया है।
बिहार की राजधानी पटना डूबी, 4 फीट तक पानी
पटना में मंगलवार सुबह से लगातार बारिश जारी है। कंकड़बाग, डाकबंगला, पटना सिटी जैसे इलाकों में 3 से 4 फीट तक पानी भर चुका है।
पटना जंक्शन और प्रमुख चौराहों पर जलजमाव की स्थिति बनी हुई है। तापमान में 4 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है।
उत्तर प्रदेश के 35 जिलों में अलर्ट, मुजफ्फरनगर में बाढ़ जैसे हालात
उत्तर प्रदेश के 35 जिलों में आज के लिए बारिश का अलर्ट जारी है। मुजफ्फरनगर, मेरठ, सहारनपुर और बरेली में सुबह से मूसलधार बारिश हो रही है। कई इलाकों में सड़कों पर पानी जमा हो गया है जिससे ट्रैफिक बाधित है।
IMD की चेतावनी: अगले 48 घंटे बेहद संवेदनशील, सतर्क रहें
भारतीय मौसम विभाग ने साफ किया है कि अगले 48 घंटे कई राज्यों के लिए बेहद संवेदनशील हैं। नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है और भूस्खलन व फ्लैश फ्लड का खतरा भी मंडरा रहा है।












