Dhanbad: रामकनाली ओपी क्षेत्र के मुंडा धौड़ा में शुक्रवार को हुए भूधसान हादसे ने पूरे कतरास क्षेत्र को झकझोर दिया। अम्बे माइनिंग आउटसोर्सिंग कंपनी की सर्विस वैन ओबी के भारी मलबे की चपेट में आने से सात कर्मियों की दर्दनाक मौत हो गई। घटना स्थल पर शनिवार को भी एनडीआरएफ (NDRF) और बीसीसीएल माइंस रेस्क्यू टीम ने जोखिम उठाते हुए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी रखा और सातों शव बाहर निकाल लिए।
हादसे की पूरी कहानी
- शुक्रवार को अचानक ओवर बर्डन (OB) का मलबा खिसक कर सर्विस वैन पर गिर पड़ा।
- वैन में मौजूद सात आउटसोर्सिंग कर्मी मलबे में दब गए।
- बीसीसीएल और प्रशासनिक अधिकारियों की निगरानी में बचाव कार्य देर रात तक जारी रहा।
- शनिवार को एनडीआरएफ और माइंस रेस्क्यू टीम ने संयुक्त रूप से मलबा हटाकर सभी शव बरामद किए।
रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान सुरक्षा
काँटापहाड़ी आउटसोर्सिंग परियोजना क्षेत्र में सुरक्षा के सख्त इंतजाम किए गए थे। पुलिस, सीआईएसएफ और बीसीसीएल के अधिकारी लगातार हालात पर नजर रखे हुए थे। रामकनाली ओपी में अस्थायी पुलिस कैंप भी बनाया गया ताकि भीड़ को नियंत्रित रखा जा सके और बचाव कार्य में बाधा न आए।
परिजन मुआवजे पर अड़े
मृतक कर्मी अमन सिंह के परिजन शव को लेकर अम्बे माइनिंग आउटसोर्सिंग कैंप गेट पर पहुंच गए और उचित मुआवजे की मांग पर अड़े रहे। समय रहते अंगारपथरा ओपी प्रभारी ने स्थिति को नियंत्रित किया। वहीं मृतक राहुल रवानी के परिजनों ने रो-रो कर बताया कि घर में छह माह का मासूम बच्चा है, पूरे परिवार का भविष्य अंधकार में है।
प्रशासन और बीसीसीएल पर सवाल
स्थानीय लोगों ने सवाल उठाया कि अगर सुरक्षा मानकों का पालन किया जाता तो ऐसी भयावह दुर्घटना टल सकती थी। हादसे के बाद परियोजना क्षेत्र में माइनिंग सेफ्टी को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं।













