RIMS Ranchi: रिम्स (RIMS), रांची का यह कदम निश्चित रूप से झारखंड के स्वास्थ्य क्षेत्र में एक मील का पत्थर साबित होगा।
झारखंड के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल रिम्स (RIMS), रांची ने मरीजों के हित में एक बड़ा फैसला लिया है। अब मरीजों को गंभीर बीमारियों की जांच के लिए निजी पैथोलॉजी लैब के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। रिम्स के ट्रामा सेंटर लैब में अब कैंसर, थायराइड, गठिया और किडनी से जुड़ी महंगी जांचें या तो मुफ्त होंगी या बाजार से 90% कम दरों पर उपलब्ध कराई जाएंगी।
रिम्स में शुरू हुईं 6 नई महत्वपूर्ण जांचें (New Lab Tests at RIMS)
मरीजों को समय पर सटीक इलाज मिल सके, इसके लिए रिम्स प्रबंधन ने 6 नई जांच सुविधाएं शुरू की हैं:
- CA-125 जांच: महिलाओं में ओवेरियन (अंडाशय) कैंसर की पहचान के लिए।
- CA-19-9 जांच: पैंक्रियाज (अग्न्याशय) और पाचन तंत्र के कैंसर का पता लगाने हेतु।
- एंटी-TPO (Anti-TPO): थायराइड ग्रंथि से जुड़ी गंभीर समस्याओं की पहचान के लिए।
- एंटी-CCP (Anti-CCP): रूमेटाइड आर्थराइटिस (गठिया) की शुरुआती पहचान में सहायक।
- मूत्र प्रोटीन (Urine Protein): किडनी की बीमारियों और शरीर में प्रोटीन लीकेज का पता लगाने के लिए।
- RF (Rheumatoid Factor): गठिया रोग की पुष्टि और उसकी गंभीरता मापने के लिए।
24×7 लैब सुविधा: 5 घंटे में मिलेगी रिपोर्ट
रिम्स के ट्रामा सेंटर लैब में अब 24 घंटे जांच की सुविधा उपलब्ध है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि मरीजों को रिपोर्ट के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा; जांच के मात्र 4 से 5 घंटे के भीतर रिपोर्ट उपलब्ध करा दी जाएगी।
वर्तमान में उपलब्ध अन्य प्रमुख जांचें:
- किडनी और लिवर: यूरिया, क्रिएटिनिन, लिवर फंक्शन टेस्ट (LFT)।
- हृदय और कोलेस्ट्रॉल: लिपिड प्रोफाइल, ट्रोपोनिन, डी-डाइमर।
- हार्मोन जांच: T3, T4, TSH, कोर्टिसोल।
- संक्रामक रोग: HIV, हेपेटाइटिस B और C, प्रोकैल्सीटोनीन।
- सामान्य पैथोलॉजी: CBC, ब्लड शुगर, पीटी/आईएनआर (PT/INR), यूरिन टेस्ट।
गरीब मरीजों को मिलेगी बड़ी राहत
अबतक जिन जांचों के लिए निजी लैब में 15,000 से 20,000 रुपये तक खर्च करने पड़ते थे, वे अब रिम्स में बेहद किफायती दरों पर उपलब्ध हैं।
- बाजार की तुलना में दरें 90% तक कम रखने का लक्ष्य।
- आयुष्मान भारत योजना और BPL श्रेणी के मरीजों के लिए यह सुविधाएं वरदान साबित होंगी।
- अब जांच और इलाज एक ही जगह होने से मरीजों के समय और पैसे दोनों की बचत होगी।
रिम्स प्रबंधन का संदेश: “हमारा उद्देश्य मरीजों पर आर्थिक बोझ कम करना है। इन सुविधाओं के विस्तार से झारखंड के सुदूर इलाकों से आने वाले मरीजों को अब निजी केंद्रों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।”












