चुटिया में तेज रफ्तार ब्लैक थार का कहर
राजधानी Ranchi में बुधवार देर रात चुटिया थाना क्षेत्र के दुर्गा मंदिर चौक के पास तेज रफ्तार ब्लैक थार ने सड़क किनारे चल रहे छह लोगों को रौंद दिया। इस दर्दनाक हादसे में हटिया निवासी धर्मेंद्र सिंह की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
घायलों में रेलवे की महिला टीटी अन्नापूर्णा नायडू, उनका पुत्र कुणाल नायडू, अमित सिंह, संदीप महतो और प्रशांत गौरव शामिल हैं। पुलिस ने आरोपी अतुल चड्डा को गिरफ्तार कर वाहन जब्त कर लिया है। आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है।
लालपुर चौक पर डिस्को बार विवाद के बाद कार से कुचलकर हत्या
जनवरी महीने में लालपुर चौक स्थित मून डिस्को बार के बाहर दो गुटों के बीच विवाद हुआ, जो हिंसक झड़प में बदल गया। इसी दौरान 26 वर्षीय अंकित कुमार सिंह को कार से कुचल दिया गया।
गढ़वा निवासी अंकित अपने दोस्तों के साथ पार्टी मनाने रांची आया था। विवाद बढ़ने के बाद सफेद रंग की कार ने अंकित और उसके साथियों को टक्कर मार दी। अंकित की बाद में मौत हो गई, जबकि उसका दोस्त आकाश घायल हुआ। पुलिस ने सीसीटीवी के आधार पर आरोपियों की पहचान की और छापेमारी शुरू की।
कचहरी चौक पर पुलिस पर ही चढ़ाने की कोशिश
इसी महीने कचहरी चौक के पास ट्रांसजेंडर समुदाय के साथ मारपीट की घटना के बाद हालात इतने बिगड़ गए कि पुलिस पर ही कार चढ़ाने की कोशिश की गई। कोतवाली डीएसपी मौके पर पहुंचे थे।
स्थिति बेकाबू होने पर पुलिस को आत्मरक्षा में 9 राउंड फायरिंग करनी पड़ी। इस मामले में इस्तियाख और गुलफाम के नाम सामने आए। आरोप है कि दोनों ने पहले एक युवक को टक्कर मारी और फिर उसे कार में डालकर घुमाते रहे।
एक महीने में तीन बड़ी घटनाएं — क्या यह महज संयोग है?
लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने राजधानी की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
- क्या रांची में नाइट पेट्रोलिंग प्रभावी है?
- क्या ड्रंक एंड ड्राइव अभियान सिर्फ औपचारिकता बनकर रह गया है?
- क्या बार और क्लबों की गतिविधियों पर निगरानी है?
- क्या हाई स्पीड वाहनों पर कोई सख्त डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम है?
क्या Jharkhand Police की रणनीति में कमी है?
Ranchi झारखंड की राजधानी है। यहां से पूरे राज्य की कानून-व्यवस्था का संदेश जाता है। लेकिन जिस तरह कार को हथियार की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है, वह बेहद चिंताजनक है।
तेज रफ्तार, शराब के नशे में ड्राइविंग और सड़क पर बढ़ती हिंसा इस ओर इशारा कर रही है कि अपराधियों के मन से कानून का डर कम हो रहा है।
अब क्या होना चाहिए?
राजधानी को सुरक्षित रखने के लिए प्रशासन को निवारक कार्रवाई पर फोकस करना होगा:
- सख्त नाइट पेट्रोलिंग
- स्पीड गन और डिजिटल निगरानी
- ड्रंक एंड ड्राइव के खिलाफ विशेष अभियान
- बार और क्लबों की नियमित जांच
- फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई
राजधानी सुरक्षित है या सिर्फ दिखावा?
Ranchi Crime News की ये तीन घटनाएं महज हादसे नहीं, बल्कि सिस्टम की परीक्षा हैं। अगर समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो तेज रफ्तार का यह खेल किसी और परिवार को उजाड़ सकता है।












