Ranchi Sarhul Guidlines: झारखंड के लोक महापर्व सरहुल को लेकर राजधानी रांची में प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। उपायुक्त (DC) मंजूनाथ भजंत्री और एसएसपी (SSP) राकेश रंजन ने वरिष्ठ अधिकारियों व केंद्रीय सरना समिति के साथ सोमवार को बैठक कर तैयारियों को अंतिम रूप दिया। इस बार प्रशासन का मुख्य फोकस श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और स्वच्छता पर है।
श्रद्धालुओं के लिए विशेष बस सेवा और सुविधाएं
प्रशासन ने निर्णय लिया है कि सरहुल शोभायात्रा में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं को उनके गंतव्य तक सुरक्षित पहुंचाने के लिए नगर निगम द्वारा बस सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा शहर में शोभायात्रा के मुख्य मार्गों पर पेयजल के टैंकर और मोबाइल टॉयलेट तैनात रहेंगे। पर्व के दौरान शहर के सभी सुलभ शौचालय आम जनता के लिए पूरी तरह निशुल्क रहेंगे। इसके साथ ही नगर निगम के कर्मचारी तीन शिफ्टों में काम करेंगे ताकि शहर और सरना स्थलों पर स्वच्छता बनी रहे।
सरहुल को लेकर सुरक्षा और ट्रैफिक के कड़े इंतजाम
एसएसपी राकेश रंजन ने आश्वस्त किया है कि शोभायात्रा के दौरान ट्रैफिक व्यवस्था और सुरक्षा के व्यापक इंतजाम रहेंगे। राकेश रंजन ने बताया की प्रशासन और सरना समितियों के बीच बेहतर तालमेल के लिए विशेष व्हाट्सएप ग्रुप बनाए गए हैं। इसके साथ ही प्रमुख सरना स्थलों और जुलूस के रास्तों पर विशेष लाइटिंग और निगरानी की व्यवस्था की गई है।
Ranchi Sarhul Guidlines जारी, इन नियमों का करना होगा पालन
बिजली विभाग और जिला प्रशासन ने समितियों के लिए कुछ महत्वपूर्ण गाइडलाइन्स जारी की हैं:
- हाई कोर्ट के निर्देशों के अनुसार, झांकी और झंडे की ऊंचाई 6 मीटर से अधिक नहीं होनी चाहिए।
- लाउडस्पीकर और डीजे के इस्तेमाल में ध्वनि प्रदूषण संबंधी नियमों का सख्ती से पालन करना होगा।
- रामनवमी के अवसर पर शहर में मांस-मछली की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। साथ ही सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग पर भी कार्रवाई की जाएगी।
ईद और रामनवमी को लेकर भी अलर्ट
नगर निगम के अपर प्रशासक संजय कुमार ने बताया कि सरहुल के साथ-साथ आगामी ईद और रामनवमी को लेकर भी सफाई अभियान चलाया जा रहा है। शहर के सभी 53 वार्डों के 298 सरना स्थलों, ईदगाहों और प्रमुख मंदिरों के संपर्क पथों पर ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव और कूड़ा उठाव सुनिश्चित किया जाएगा।
डीसी का संदेश: “श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना हमारी प्राथमिकता है। अनुशासन और सौहार्द के साथ महापर्व मनाएं।”












