Jharkhand News – राजधानी रांची समेत झारखंड के कई हिस्सों में पिछले 36 घंटे से हो रही लगातार भारी बारिश ने शहर को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है. जगह-जगह जलजमाव, ट्रैफिक जाम और सफाई व्यवस्था की पोल खुलने से आमजन की परेशानियां कई गुना बढ़ गई हैं.
बटन तालाब का किनारा बहा, घाट ध्वस्त
डोरंडा स्थित ऐतिहासिक बटन तालाब का किनारा तेज बारिश के चलते ध्वस्त हो गया, जिससे घाट पूरी तरह धराशायी हो गया. तालाब का पानी बहकर निचले इलाकों में घुस गया, जिससे हालात और बिगड़ गए.
4 दिन तक बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार, झारखंड में बना साइक्लोनिक सर्कुलेशन 12 जुलाई से सक्रिय रूप से प्रभाव दिखाएगा. अगले चार दिनों तक राज्य के अधिकांश जिलों में झमाझम बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की गई है. विभाग ने यलो अलर्ट जारी करते हुए लोगों को बिजली उपकरणों से दूरी बनाए रखने, पेड़ों के नीचे खड़े न होने, और यात्रा से बचने की सलाह दी है.
मानसून ट्रफ के कारण तेज हवाएं और भारी बारिश के आसार
मानसून ट्रफ इस समय अमृतसर, चंडीगढ़, कानपुर, डालटनगंज होते हुए बंगाल की खाड़ी की ओर बढ़ रहा है. साथ ही पश्चिमी असम से तेलंगाना तक एक और ट्रफ एक्टिव है. इससे 14 से 15 जुलाई तक झारखंड में घने बादल, तेज हवाएं और लगातार वर्षा की संभावना जताई गई है.
रांची में 675.5 मिमी बारिश, सामान्य से दोगुना
1 जुलाई से 8 जुलाई के बीच झारखंड में 440.4 मिमी बारिश हुई, जो सामान्य से 175.4 मिमी अधिक है. वहीं, रांची में 675.5 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य आंकड़े 273.2 मिमी से कहीं अधिक है.
शहर की सड़कें बनी तालाब, नालों से उफना गंदा पानी
बारिश ने रांची नगर निगम की सफाई व्यवस्था की पोल खोल दी है. कई इलाकों में नालियां ओवरफ्लो हो गईं, और कीचड़युक्त पानी गलियों और सड़कों पर बहता दिखा.
हरमू रोड, इटकी रोड, पंडरा, रातू रोड, हातमा, बूटी मोड़, कोकर, कांटाटोली, हिंदपीढ़ी, और तिरिल जैसे इलाकों में जलजमाव और गंदगी से लोग परेशान हैं. पंडरा शांतिनगर में तो पानी घरों के अंदर घुस गया, जिससे लोगों को स्थानांतरण तक करना पड़ा.
सड़कें डूबीं, एंबुलेंस तक फंसी, कई वाहन फिसले
पंचशीलनगर से शांतिनगर के बीच के मुख्य मार्ग पर घुटनों तक पानी भर गया. दुपहिया वाहन चालकों के फिसलने और चोटिल होने की खबरें सामने आईं. एंबुलेंस तक जाम में फंसी रहीं.
करमटोली चौक, बरियातू रोड, चुटिया थाना, सिरमटोली चौक, और आरोग्य भवन के पास गड्ढे और कीचड़ की वजह से राहगीर फिसलकर गिरते दिखे.
लोगों में आक्रोश, नगर निगम की लापरवाही पर सवाल
स्थानीय लोगों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि “सरकार और नगर निगम विकास की बातें तो करते हैं, लेकिन जमीनी हालात बदतर हैं.” शहरवासियों ने मांग की है कि नालियों की सफाई, गाद उठाव, और संसाधनों की बढ़ोतरी से स्थिति में सुधार लाया जाए.
रांची में हालात फिलहाल सामान्य नहीं हैं. मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए नागरिकों को सावधानी बरतने, कम से कम बाहर निकलने, और आपात स्थिति में हेल्पलाइन से संपर्क करने की सलाह दी गई है. आने वाले दिनों में हालात और बिगड़ सकते हैं, इसलिए प्रशासन को भी अपनी तैयारियों को पुख्ता करने की जरूरत है.












