धनबाद: झारखंड विधानसभा की सरकारी आश्वासन समिति ने रविवार को धनबाद परिसदन सभागार में समीक्षा बैठक आयोजित की। बैठक की अध्यक्षता समिति के सभापति एवं निरसा विधायक अरूप चटर्जी ने की। मौके पर समिति की सदस्य एवं रामगढ़ विधायक ममता देवी भी मौजूद रहीं।
200 से अधिक आश्वासन अब तक अधूरे
समिति के आकलन में सामने आया कि वर्ष 2000 से 2025 तक धनबाद जिले में 200 से ज्यादा आश्वासन अब तक लंबित हैं। इनमें से लगभग 150 आश्वासन वर्ष 2010 से 2025 के बीच के हैं।
अरूप चटर्जी ने कहा कि कई योजनाएं पूरी हो चुकी हैं, लेकिन पत्राचार न होने के कारण उन्हें लंबित दिखाया गया है। समिति ने अधूरी योजनाओं को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए।
पूर्व जनप्रतिनिधियों के मुद्दों की भी समीक्षा
बैठक में पूर्व विधायक कुंती सिंह, पूर्णिमा नीरज सिंह और सांसद ढुल्लू महतो द्वारा उठाए गए मुद्दों और योजनाओं पर भी चर्चा की गई। समिति ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि जिन योजनाओं पर काम पूरा हो चुका है, उन्हें तुरंत निष्पादित दिखाया जाए और जिनमें कमी है, उन्हें जल्द पूरा किया जाए।
स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल और स्वच्छता पर फोकस
समीक्षा बैठक में समिति ने स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा, पथ निर्माण, पेयजल एवं स्वच्छता जैसे विभागों से जुड़े सवालों पर जानकारी ली। समिति ने कहा कि इन क्षेत्रों में जनता को सीधा लाभ मिले, इसके लिए जिम्मेदार अधिकारी समयसीमा में काम पूरा करें।
छह जिलों में हो रही है समीक्षा
झारखंड विधानसभा की सरकारी आश्वासन समिति 8 सितंबर से छह जिलों के दौरे पर है। अब तक समिति चार जिलों की समीक्षा कर चुकी है। धनबाद के बाद समिति गिरिडीह और देवघर का दौरा करेगी। इस दौरान समिति स्थल निरीक्षण भी करेगी ताकि विकास कार्यों की वास्तविक प्रगति का आकलन हो सके।











