Jharkhand: लोयाबाद में शुक्रवार को बिजली मरम्मत में लापरवाही और घूसखोरी के आरोपों को लेकर स्थानीय किन्नरों ने सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन किया। यह घटना लोयाबाद थाना से महज 200 मीटर की दूरी पर दोपहर करीब 1 बजे घटी। किन्नरों ने आरोप लगाया कि बिजली मरम्मती कार्य के नाम पर मेंडेज कर्मी ने 2000 रुपये की मांग की और पैसे नहीं देने पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया।
जैसे ही सड़क पर वाहनों की कतारें लगने लगीं, किन्नरों को गुस्सा आ गया और उन्होंने बीच सड़क पर बैठकर विरोध जताना शुरू कर दिया। प्रदर्शन के कारण करीब 20 मिनट तक अफरातफरी की स्थिति बनी रही। इस दौरान जब आरोपित मेंडेज कर्मी करीम मौके से गुजरा, तो प्रदर्शनकारियों और उसके बीच कहासुनी हो गई, जो बाद में मारपीट तक पहुंच गई। हालांकि, स्थिति बाद में सामान्य हो गई और सड़क से जाम हट गया।
किन्नरों का आरोप:
प्रदर्शन में शामिल कोमल किन्नर, गोल्डी किन्नर, प्रियंका किन्नर और सानिया किन्नर ने बताया कि लोयाबाद 7 नंबर समेत आसपास के करीब 20 घरों में पिछले कई दिनों से बिजली नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिजली कर्मी बार-बार मरम्मत के नाम पर बहाने बना रहे हैं और इस बार सीधे पैसे की मांग की गई। जब समस्या हल नहीं हुई, तो उन्होंने झरिया से अपने समुदाय के अन्य सदस्यों को बुलाकर विरोध दर्ज कराया।
मेंडेज कर्मी का पक्ष:
विवाद में घिरे करीम, मेंडेज कर्मी ने आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि उन्होंने किसी से पैसे नहीं मांगे। उल्टा उनके साथ मारपीट की गई है। उन्होंने कहा, “यह सब झूठा आरोप है, मैं अपना काम ईमानदारी से करता हूं।”
स्थानीय प्रशासन की निष्क्रियता पर सवाल:
पूरे घटनाक्रम के दौरान पुलिस की कोई सक्रिय भूमिका नहीं दिखी। स्थानीय लोगों ने इस पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष जांच और सुधारात्मक कार्रवाई की मांग की है।
स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया:
- नसीमा खातून (लोयाबाद, 7 नंबर): “चार दिन से बिजली नहीं है, गर्मी में जीना मुश्किल हो गया है। हर बार मरम्मत की बात टाल दी जाती है।”
- नासिर मंसूरी: “हमेशा यही जवाब मिलता है- कल देखेंगे। लेकिन कोई आता नहीं। किन्नरों ने जो किया, वो लोगों की नाराजगी का नतीजा है।”
- कमरूद्दीन: “अगर बिजली कर्मी ईमानदारी से काम करते, तो ऐसी नौबत नहीं आती। अब लोग तंग आ चुके हैं।”
- मुमताज मंसूरी: “बिजली विभाग के कर्मचारी काम करने के बजाय बहाने बनाते हैं। प्रशासन को अब संज्ञान लेना चाहिए।”
क्या कहता है यह मामला?
यह घटना बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है। साथ ही, स्थानीय निवासियों की हताशा और प्रशासनिक उदासीनता को भी उजागर करती है।

विशेष संवाददाता | Khabar Mantra
विकाश कुमार झारखंड के रांची के रहने वाले और यहीं जन्मे पत्रकार एवं डिजिटल मीडिया प्रोफेशनल हैं। झारखंड में लंबे समय से रहने और काम करने के कारण उन्हें राज्य के गांवों, शहरों, स्थानीय समाज, प्रशासन और जमीनी मुद्दों की गहरी समझ है।
5+ वर्षों के पत्रकारिता अनुभव के साथ उन्होंने Gandiva, Lagatar.in, News11 Digital और Prabhat Khabar Digital जैसे मीडिया संस्थानों में काम किया है। वर्तमान में Khabar Mantra Digital में Digital Media Manager-cum-Executive एवं विशेष संवाददाता के रूप में कार्यरत हैं।
वे विशेष रूप से कोयलांचल, BCCL, कोलियरियों, औद्योगिक क्षेत्रों, स्थानीय प्रशासन और जनहित के मुद्दों पर रिपोर्टिंग करते हैं।
Expertise: Journalism • Digital Media • Ground Reporting • Content & Social Media • Video Production • News Analysis









