भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान-अधिकृत कश्मीर (PoJK) में आतंकियों के ठिकानों पर की गई एयर स्ट्राइक के बाद देश की सीमाओं पर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया गया है. इस बीच भारत-नेपाल सीमा पर भी हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है, खासकर बिहार के सीमावर्ती जिलों में सशस्त्र सीमा बल (SSB) की मुस्तैदी और सक्रियता में ज़बरदस्त इजाफा किया गया है.
बिहार के सीमावर्ती इलाकों में चौकसी
बिहार के किशनगंज, अररिया, सुपौल, मधुबनी, सीतामढ़ी और पश्चिम चंपारण जैसे नेपाल से सटे जिलों में SSB की गश्त बढ़ा दी गई है. नेपाल से आने-जाने वाले वाहनों की कड़ी जांच की जा रही है. सीमा पर हर संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखने के लिए ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों का भी इस्तेमाल हो रहा है.
SSB के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “ऑपरेशन सिंदूर के बाद सीमा पार से किसी भी प्रकार की घुसपैठ या आतंकी गतिविधियों की आशंका को देखते हुए सतर्कता बेहद ज़रूरी है. सभी चेकपोस्ट और गश्ती दलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है.”
खुफिया एजेंसियों की सक्रियता
सीमा पर बढ़ी सुरक्षा के साथ-साथ खुफिया एजेंसियों ने भी अपनी निगरानी तेज कर दी है. नेपाली सीमा के पास बसे गांवों और वन क्षेत्रों में विशेष सर्वे और पूछताछ अभियान चलाए जा रहे हैं. किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि या व्यक्तियों पर तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं.
सुरक्षा बलों की तैयारी
बिहार में तैनात SSB की कंपनियों को विशेष दिशा-निर्देश दिए गए हैं. वाहनों की तलाशी, संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान और अंतरराष्ट्रीय सीमा से अवैध आवाजाही को रोकने के लिए विशेष चेकिंग ड्राइव चलाया जा रहा है. स्थानीय पुलिस के साथ भी समन्वय बनाकर संयुक्त पेट्रोलिंग की जा रही है.
स्थानीय प्रशासन भी सतर्क
सीमा से सटे इलाकों में जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को भी सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रखने के निर्देश जारी किए गए हैं. पंचायत स्तर तक निगरानी समितियां सक्रिय की जा रही हैं ताकि किसी भी संदिग्ध हरकत की जानकारी तुरंत सुरक्षा एजेंसियों तक पहुंचे.












