Ranchi: झारखंड की सियासत में सूचना आयुक्तों की हालिया नियुक्ति को लेकर महागठबंधन के भीतर का असंतोष अब खुलकर सामने आ गया है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने राज्य सरकार पर भेदभाव और उपेक्षा का गंभीर आरोप लगाया है। झारखंड प्रदेश राजद के मुख्य प्रवक्ता डॉ. मनोज कुमार ने एक तीखा प्रेस बयान जारी कर कहा है कि सरकार के इस फैसले से पार्टी के कार्यकर्ताओं और नेताओं में भारी नाराजगी है।
विरोधियों को सम्मान, अपनों के साथ अन्याय-राजद का बड़ा हमला
डॉ. मनोज कुमार ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के फैसले पर सीधे सवाल उठाते हुए कहा कि राजद लंबे समय से इस गठबंधन का वफादार साथी रहा है और वर्तमान कैबिनेट में राजद कोटे से मंत्री भी हैं। इसके बावजूद, जब भी बोर्ड, निगम, आयोग या किसी सरकारी कमेटी का गठन होता है, तो राजद का प्रतिनिधित्व ‘शून्य’ कर दिया जाता है।
बयान का सबसे तीखा हिस्सा: “एक तरफ कांग्रेस और झामुमो (JMM) को हिस्सेदारी मिली है, वहीं दूसरी तरफ जो भाजपा दिन-रात इस महागठबंधन सरकार को गाली देती है, उसके मीडिया प्रभारी को सूचना आयुक्त बनाकर सुशोभित किया गया है। यह बिल्कुल भी न्यायसंगत नहीं है।”
सीएम हेमंत सोरेन से मांग: अगले दो पदों पर मिले राजद को जगह
आरजेडी प्रवक्ता ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मांग की है कि अभी राज्य में दो और सूचना आयुक्तों का मनोनयन होना बाकी है। राजद की मांग है कि इन दो खाली पदों पर राष्ट्रीय जनता दल के प्रतिनिधि को जगह दी जाए, ताकि पार्टी के साथ हो रहे इस अन्याय और राजनीतिक उपेक्षा को खत्म किया जा सके।










