Stock Market Crash, सेंसेक्स और निफ्टी में पिछले 22 महीनों की सबसे बड़ी गिरावट
Stock Market Crash: भारतीय शेयर बाजार के लिए आज यानी 19 मार्च 2026 का दिन ‘ब्लैक थर्सडे’ साबित हुआ। सेंसेक्स और निफ्टी में पिछले 22 महीनों की सबसे बड़ी एकदिवसीय गिरावट दर्ज की गई। ईरान-इजराइल युद्ध के बढ़ते तनाव और वैश्विक अस्थिरता के बीच निवेशकों ने भारी बिकवाली की, जिससे बाजार धराशायी हो गया।
बाजार का आज का हाल
गुरुवार को कारोबार के अंत में BSE सेंसेक्स 2497 अंक (3.26%) गिरकर 74,207 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, NSE निफ्टी भी 776 अंक (3.26%) फिसलकर 23,002 पर आ गया। सबसे ज्यादा मार बैंकिंग और ऑटो सेक्टर के शेयरों पर पड़ी।
Stock Market Crash की मुख्य वजहें
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, आज की इस बड़ी गिरावट के पीछे प्रमुख कारण रहे:
- जियोपॉलिटिकल तनाव (War Crisis): अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच युद्ध की स्थिति से ग्लोबल सप्लाई चेन बुरी तरह प्रभावित हुई है। युद्ध की आशंका ने निवेशकों में डर पैदा कर दिया है।
- कच्चे तेल की कीमतों में उछाल (Crude Oil Prices): सप्लाई रुकने की वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड के दाम 5% उछलकर 112 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गए हैं।
- ग्लोबल मार्केट में बिकवाली: अमेरिकी और एशियाई बाजारों में भारी गिरावट का असर भारतीय बाजार पर भी देखा गया।
HDFC बैंक को दोहरा झटका
बैंकिंग दिग्गज HDFC बैंक के शेयरों में आज 5.11% की बड़ी गिरावट देखी गई। बैंक के पार्ट-टाइम चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती ने नैतिकता और बैंक के कामकाज के तरीकों पर सवाल उठाते हुए इस्तीफा दे दिया है।
RBI की मंजूरी के बाद केकी मिस्त्री को 19 मार्च 2026 से तीन महीने के लिए अंतरिम चेयरमैन नियुक्त किया गया है।
निवेशकों को 13 लाख करोड़ का नुकसान
बाजार में आई इस सुनामी से निवेशकों की संपत्ति में भारी सेंध लगी है। BSE में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन (Mcap) एक ही दिन में 439 लाख करोड़ से घटकर 426 लाख करोड़ रुपये रह गया। यानी निवेशकों ने महज कुछ घंटों में 13 लाख करोड़ रुपये गंवा दिए।
Stock Market Crash: ग्लोबल मार्केट और कच्चे तेल में गिरावट
दुनिया भर के बाजारों में आज लाल निशान हावी रहा:
- जापान (Nikkei):38% की गिरावट।
- अमेरिका (Dow Jones):63% की गिरावट।
- क्रूड ऑयल: ग्लोबल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड $112 पर, जबकि ‘इंडियन बास्केट’ की कीमतें $146 प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं।
भारत रूस, इराक और सऊदी अरब जैसे देशों से अलग-अलग वैरायटी का तेल खरीदता है। इन सभी तेलों की औसत कीमत को ‘इंडियन बास्केट’ कहा जाता है।
पिछले दिनों का सेंसेक्स चार्ट
ईरान संकट शुरू होने के बाद से सेंसेक्स अब तक लगभग 9% टूट चुका है। नीचे दी गई टेबल से समझें बाजार का हाल:
| तारीख | क्लोजिंग प्राइस (Sensex) | स्थिति |
| 19 मार्च | 74,207 | भारी गिरावट |
| 18 मार्च | 76,704 | सुधार |
| 17 मार्च | 76,070 | सामान्य |
| 16 मार्च | 75,502 | गिरावट |
| 13 मार्च | 74,563 | अस्थिर |
| 10 मार्च | 78,205 | गिरावट |
| 05 मार्च | 80,015 | गिरावट |
| 27 फरवरी | 81,287 | उच्च स्तर |
युद्ध और महंगाई के बढ़ते खतरे को देखते हुए बाजार में अनिश्चितता बनी रह सकती है। निवेशक फिलहाल ‘वेट एंड वॉच’ की स्थिति में हैं।













