चैनपुर (झारखंड): चैनपुर अंचल में भू-माफियाओं का दबदबा लगातार बढ़ता जा रहा है। सरकारी सीलिंग जमीन पर अवैध कब्जा, जेसीबी से गड्ढे खोदना और हरे-भरे पेड़ों की अंधाधुंध कटाई का मामला सामने आया है। खास बात यह है कि उपायुक्त के सख्त आदेश के बावजूद यह निर्माण कार्य जारी है, जिससे प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं।
महिलाओं की शिकायत से खुला मामला
अंचल दिवस के दौरान कुछ स्थानीय महिलाओं ने उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित से शिकायत की थी कि खाता नंबर 1 की सीलिंग जमीन पर उनका दाखिल-खारिज लंबित है। वहीं, आरोप है कि प्रशासन और जमीन दलालों की मिलीभगत से केवल दो लोगों का ही दाखिल-खारिज कर दिया गया।
इस शिकायत पर उपायुक्त ने तुरंत अंचल अधिकारी (CO) को मोटेशन रद्द करने और किसी भी तरह के निर्माण कार्य पर रोक लगाने का आदेश दिया।
आदेश के बावजूद जारी अवैध कब्जा
स्थानीय लोगों का कहना है कि आदेश के बाद भी भू-माफिया खुलेआम जमीन पर कब्जा कर रहे हैं। न केवल गड्ढे खोदे जा रहे हैं बल्कि जाली लगाकर प्लॉटिंग भी की जा रही है। इतना ही नहीं, विशाल पेड़ों की कटाई कर उस जमीन को खाली किया जा रहा है।
प्रशासन और वन विभाग की चुप्पी पर सवाल
लोगों का आरोप है कि वन विभाग और स्थानीय प्रशासन की चुप्पी ने भू-माफियाओं का मनोबल और बढ़ा दिया है। इससे न सिर्फ सरकारी नियमों का उल्लंघन हो रहा है, बल्कि पर्यावरण को भी गंभीर नुकसान पहुंच रहा है।
लोगों में आक्रोश
ग्रामीणों का कहना है कि अगर प्रशासन ने समय रहते कार्रवाई नहीं की तो यह अवैध कब्जा और बड़ा विवाद बन सकता है। लोगों ने मांग की है कि अंचल अधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी और वन विभाग तुरंत कार्रवाई करें, वरना यह मामला भी पहले की तरह ठंडे बस्ते में चला जाएगा।












