Ranchi: तीन दिवसीय गूंज महोत्सव का भव्य समापन आज झारखंड के सोनाहातु में रंगारंग लोक सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ हुआ। समापन समारोह में मुख्य अतिथि राज्यपाल संतोष गंगवार ने झारखंड आंदोलन के प्रणेता पूर्व सांसद विनोद बिहारी महतो की 9 फीट ऊंची प्रतिमा का लोकार्पण किया।
राज्यपाल ने अपने संबोधन में कहा कि गूंज महोत्सव झारखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का अग्रणी प्रतीक बन चुका है। यह महोत्सव समाज में एकता, समरसता और सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करता है। उन्होंने कहा कि विनोद बिहारी महतो का योगदान झारखंड के इतिहास में अमिट रहेगा और उनकी प्रतिमा आने वाली पीढ़ियों को संघर्ष, सम्मान और सामाजिक दायित्व की प्रेरणा देती रहेगी।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के विकास और महापुरुषों को सम्मान देने की परंपरा की भी चर्चा की।
विशिष्ट अतिथि केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने कहा कि गूंज महोत्सव बीते 30 वर्षों से समाज को एक सूत्र में बांधने और संस्कृति को आगे बढ़ाने का कार्य कर रहा है। उन्होंने सुदेश महतो को युवाओं के लिए प्रेरणा बताते हुए कहा कि यह महोत्सव समाज में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार करता है।
पूर्व उपमुख्यमंत्री और गूंज परिवार के संरक्षक सुदेश महतो ने स्वागत भाषण में कहा कि राज्यपाल का आगमन पंचपरगना क्षेत्र के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि गूंज महोत्सव सेवा, सम्मान और सांस्कृतिक समागम के माध्यम से समाज को समरस बनाता है।
समारोह में राज्यसभा सदस्य दीपक प्रकाश, गिरिडीह सांसद चंद्रप्रकाश चौधरी, पूर्व सांसद रामटहल चौधरी, पद्मश्री मधु मंसूरी, जिप अध्यक्ष निर्मला भगत सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन सुनील सिंह ने किया।
राज्यपाल के स्वागत में 500 नगाड़ों की गूंज सुनाई दी। सैकड़ों कलाकारों ने सामूहिक छऊ नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस अवसर पर किसानों, खिलाड़ियों, कलाकारों और शहीदों के परिजनों को सम्मानित किया गया।
महोत्सव के दौरान कृषि प्रदर्शनी और चिकित्सा शिविर का भी आयोजन किया गया। गूंज परिवार की ओर से राज्यपाल एवं अन्य अतिथियों को छऊ नृत्य का प्रतीक भेंट किया गया।
केंद्रीय मंत्री संजय सेठ ने गूंज परिवार को एम्बुलेंस उपलब्ध कराने की घोषणा भी की।












