JharkhandNews: झारखंड में त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधियों को अब तक झारखंड पंचायती राज अधिनियम 2001 और 73वें संविधान संशोधन के तहत मिलने वाले अधिकार नहीं दिए गए हैं। इस मुद्दे को लेकर त्रिस्तरीय पंचायत जनप्रतिनिधि संघ के प्रदेश अध्यक्ष विकास कुमार महतो ने राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार से रांची में मुलाकात कर गहरी चिंता जताई और तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।
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विकास महतो ने बताया कि झारखंड सरकार पंचायत राज व्यवस्था को मज़बूती देने में नाकाम रही है। उन्होंने राज्यपाल के समक्ष तीन अहम बिंदुओं को प्रमुखता से रखा:
- 14 विषयों और 29 विभागों का विकेंद्रीकरण अब तक पंचायतों को नहीं सौंपा गया है।
- झारखंड पंचम वित्त आयोग की अनुशंसा के बावजूद पंचायतों को अपेक्षित फंड नहीं दिए गए हैं।
- पंचायत प्रतिनिधियों को उचित मानदेय और भत्ता नहीं मिल रहा, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति और मनोबल दोनों प्रभावित हो रहे हैं।
महतो ने स्पष्ट रूप से कहा कि जब तक पंचायत प्रतिनिधियों को संवैधानिक अधिकार और पर्याप्त संसाधन नहीं मिलते, तब तक ग्राम्य विकास की संकल्पना अधूरी रहेगी।
बैठक में उनके साथ गुमला जिला परिषद अध्यक्ष किरण वाड़ा, जमशेदपुर प्रखंड प्रमुख पानी सोरेन, जिला परिषद सदस्य मनोज कुमार बाजपेई, और मुखिया अमित चौबे भी मौजूद थे।

विशेष संवाददाता | Khabar Mantra
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