Ranchi : आजसू पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व उपमुख्यमंत्री सुदेश महतो को बंगाल पुलिस ने दूसरी बार पुरुलिया जिले में प्रवेश से रोकने का प्रयास किया। लेकिन इस बार महतो अपने सांसद चंद्रप्रकाश चौधरी के साथ रेल-टेका आंदोलन से जुड़े पीड़ित परिवारों से मिलने कोटशिला स्थित उनके गांव तक पहुंचने में सफल हो गए।
रेल टेका में गिरफ्तार लोगों के गांव पहुंचे सुदेश–चंद्रप्रकाश
सुदेश महतो की बंगाल यात्रा का उद्देश्य उन परिवारों से मुलाकात करना था, जिनके सदस्य 20 सितंबर को पुरुलिया जिले के कोटशिला में रेल-टेका आंदोलन के दौरान गिरफ्तार किए गए थे। इस आंदोलन में 49 पुरुष और 2 महिलाएँ गिरफ्तार हुई थीं। परिवारों ने बताया कि घटना के दौरान महिलाओं पर भी लाठीचार्ज और अत्याचार हुआ था।
कोटशिला के जीवदारु गांव में पीड़ित परिवारों से मिलकर महतो ने कहा कि उनकी न्यायिक लड़ाई का पूरा खर्च आजसू पार्टी उठाएगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पार्टी हर स्तर पर उनके साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि बंगाल सरकार और पुलिस को उनसे इतना भय क्यों है, जो उन्हें बार बार रोका जा रहा है।
पीड़ितों के मुकदमों का पूरा खर्च उठायेंगे सुदेश
उन्होंने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि शासन का मतलब जनता पर दमन करना नहीं, जनता की सेवा करना है। अगर शासन डराने लगे, तो समझो जनता जाग चुकी है। महतो ने कहा कि कुड़मी समुदाय अपनी मांगों का शांतिपूर्ण समाधान चाहता है। लेकिन उसका दमन किया जा रहा है। इस अवसर पर गिरिडीह सांसद चंद्र प्रकाश चौधरी, केंद्रीय महासचिव हरे लाल महतो, जयपाल सिंह, सुनील सिंह समेत अन्य कार्यकर्ता भी उपस्थित थे।
आजसू सांसद चंद्रप्रकाश चौधरी ने इस रोक को लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन बताया। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि वे डरें नहीं और अपने अधिकारों की रक्षा के लिए आवाज उठाएँ। उन्होंने कहा कि कुड़मी समुदाय की मांगे संविधान के दायरे में हैं।













