रांची: जनजातीय समाज के प्रख्यात चिंतक और समाजसेवी प्रोफेसर डॉ. करमा उरांव की पुण्यतिथि के अवसर पर बुधवार को डॉ. रामदयाल मुंडा जनजातीय कल्याण शोध संस्थान में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम में कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की, पूर्व मंत्री बंधु तिर्की, गीताश्री उरांव, पूर्व डीजीपी रेंजी डुंगडुंग, महादेव टोप्पो सहित कई गणमान्य अतिथि एवं जनजातीय समाज के लोग उपस्थित रहे.
श्रद्धांजलि सभा में मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि डॉ. करमा उरांव ने जनजातीय समुदाय के उत्थान और विकास के लिए अभूतपूर्व योगदान दिया. उन्होंने समाज की भलाई के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित किया. वहीं, पूर्व मंत्री गीताश्री उरांव ने कहा कि डॉ. उरांव का जीवन और कार्य हमेशा प्रेरणादायक रहेगा.

कार्यक्रम में अभय सागर मिंज ने एक प्रेरणादायक प्रसंग साझा किया, जिसमें उन्होंने बताया कि डॉ. करमा उरांव ने अपने कठिनाइयों को पार कर ऊंचे मुकाम हासिल किए. इस अवसर पर उनकी पत्नी, डॉ. शांति उरांव ने कहा कि उनके अधूरे कार्यों को आगे बढ़ाना हमारी जिम्मेदारी है.

सभा में उपस्थित लोगों ने डॉ. करमा उरांव के योगदान को याद किया और उनके आदर्शों को अपनाने का संकल्प लिया. जनजातीय समाज ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की.













