Dhanbad: धनबाद के बहुचर्चित नीरज सिंह हत्याकांड में 8 साल बाद फैसला आने जा रहा है। धनबाद एमपीएमएलए कोर्ट के विशेष न्यायाधीश दुर्गेश चंद्र अवस्थी की अदालत ने 27 अगस्त 2025 को फैसला सुनाने की तारीख तय कर दी है। अदालत ने सभी आरोपियों को फैसले के दिन सदेह हाजिर रहने का आदेश दिया है। बुधवार को मामले में अभियोजन और बचाव पक्ष के बीच चार घंटे तक गर्मागर्म बहस हुई।
अभियोजन का दावा – संजीव सिंह ने रचा था हत्या का षड्यंत्र
अपर लोक अभियोजक सतेंद्र राय ने अदालत में दलील दी कि संजीव सिंह, डब्ल्यू मिश्रा, धनजी सिंह और संजय सिंह ने मिलकर नीरज सिंह की हत्या की साजिश रची। यह योजना सिंह मेंशन और 11 फरवरी 2017 को कैमूर में बनाई गई थी। नीरज के शरीर में 40 गोलियां लगना साबित करता है कि हमले की पूरी तैयारी थी ताकि उनकी जान बचना असंभव हो।
उन्होंने कॉल डिटेल, चश्मदीद गवाहों के बयान और टीआई परेड में पहचान का हवाला देते हुए कहा कि आरोपी मौके पर मौजूद थे और गोलीबारी में शामिल थे। अभियोजन के अनुसार, घटना के चश्मदीद आदित्य राज को भी गोली लगी थी और उसका इलाज किया गया, जिससे उसकी मौजूदगी साबित होती है।
21 मार्च 2017 की शाम को हुआ था हमला
घटना के दिन शाम करीब 7 बजे नीरज सिंह अपनी फॉर्च्यूनर कार (JH10AR-4500) से रघुकुल स्थित घर लौट रहे थे। स्टील गेट के पास स्पीड ब्रेकर पर कार की रफ्तार कम होते ही हमलावरों ने चारों तरफ से घेरकर 50 से अधिक राउंड फायरिंग की। मौके पर ही नीरज सिंह, अशोक यादव, मुन्ना तिवारी और ड्राइवर घोल्टू महतो की मौत हो गई।
चार्जशीट और अदालती कार्रवाई
मामले में पुलिस ने 2017 से 2019 के बीच अलग-अलग आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दायर की। सुनवाई के दौरान 35 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। सुप्रीम कोर्ट ने 22 मार्च 2025 को आदेश दिया था कि मामले की सुनवाई 6 माह के भीतर पूरी की जाए। इसी आदेश के तहत अब अदालत 27 अगस्त को फैसला सुनाएगी।













