Lifestyle News: दिल हमारे शरीर का इंजन है, जो बिना रुके दिन-रात काम करता है। लेकिन जब यह खराब होता है, तो हम अक्सर कहते हैं – “अचानक अटैक आ गया।” जबकि हकीकत यह है कि हार्ट अटैक कभी अचानक नहीं आता। JAMA कार्डियोलॉजी में प्रकाशित CARDIA स्टडी के अनुसार, दिल की बीमारी के संकेत 10-12 साल पहले से दिखने लगते हैं।
शरीर पहले ही देने लगता है चेतावनी
अधिकतर लोग इन शुरुआती संकेतों को उम्र या थकान का असर मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन स्टडी में सामने आया है कि दिल की सेहत गिरने के संकेत शारीरिक गतिविधियों में कमी से शुरू होते हैं। अटैक से लगभग 2 साल पहले यह गिरावट बेहद तेजी से होती है।
साल-दर-साल ऐसे बदलती है दिल की स्थिति
CARDIA स्टडी और अन्य शोधों के आधार पर वैज्ञानिकों ने एक टाइमलाइन बनाई है, जो बताती है कि दिल की समस्याएं कैसे और कब शुरू होती हैं:
हार्ट अटैक से 12 से 10 साल पहले:
- शारीरिक गतिविधि में गिरावट
- जल्दी थकान महसूस होना
- पहले जैसी ऊर्जा महसूस न होना
हार्ट अटैक से 10 से 5 साल पहले:
- वजन अचानक बढ़ना
- ब्लड प्रेशर धीरे-धीरे बढ़ना
- हाई कोलेस्ट्रॉल या ब्लड शुगर की रिपोर्ट आना
- नींद में खलल, खर्राटे या स्लीप एप्निया
हार्ट अटैक से 5 से 2 साल पहले:
- सीढ़ियाँ चढ़ने पर सांस फूलना
- इरेक्टाइल डिसफंक्शन (पुरुषों में)
- सीने में कभी-कभी भारीपन या हल्का दर्द
अटैक से 2 साल से कुछ महीने पहले:
- तेज चक्कर, बार-बार पसीना
- दिल की धड़कन अनियमित होना
- सीने या बाएं हाथ में दर्द जो बार-बार हो
- एक्सरसाइज या थोड़ी मेहनत में ही घबराहट
क्यों जरूरी है एक्टिव रहना?
दिल सिर्फ ब्लड पंप नहीं करता, ये शरीर में ऑक्सीजन और पोषक तत्व भेजता है। जब ब्लड वेसल्स में ब्लॉकेज आती है, तो पूरा शरीर प्रभावित होता है। स्टडी कहती है कि 150 मिनट की साप्ताहिक एक्टिविटी (जैसे वॉकिंग, साइकलिंग, योग या तैराकी) दिल को मजबूत रखती है।
अगर संकेतों को नजरअंदाज किया तो?
- नसें कमजोर होती जाती हैं
- हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज का खतरा बढ़ता है
- स्ट्रोक या हार्ट फेलियर हो सकता है
- पुरुषों में इरेक्टाइल डिसफंक्शन हार्ट डिजीज का 50% खतरा बढ़ा देता है
दिल को हेल्दी रखने के आसान तरीके
- हफ्ते में कम से कम 150 मिनट एक्सरसाइज
- रोज़ाना 7-8 घंटे की नींद
- धूम्रपान और शराब से दूरी
- कम नमक, कम शक्कर और कम तेल वाला खाना
- फल, सब्जियां, नट्स और मछली को डाइट में शामिल करें
- तनाव कम करें, योग और मेडिटेशन करें
- हर साल BP, शुगर, कोलेस्ट्रॉल चेकअप कराएं
क्या करें जब लक्षण दिखें?
- तुरंत कार्डियोलॉजिस्ट से मिलें
- ECG, ईकोकार्डियोग्राफी और ब्लड टेस्ट कराएं
- डॉक्टर की सलाह से व्यायाम शुरू करें
- नींद और यौन समस्याओं को नजरअंदाज न करें













