धनबाद। पूर्व मध्य रेल, हाजीपुर के धनबाद मंडल अंतर्गत रेल सुरक्षा बल (आरपीएफ) पोस्ट धनबाद ने सोमवार को ऑपरेशन एएएचटी (एक्शन अगेंस्ट ह्यूमन ट्रैफिकिंग) के तहत बड़ी सफलता प्राप्त की। आरपीएफ और राजकीय रेल पुलिस (जीआरपी) की संयुक्त कार्रवाई में वास्कोडिगामा एक्सप्रेस ट्रेन के सामान्य कोच से 13 नाबालिग बच्चों को बाल तस्करों के चंगुल से मुक्त कराया गया। इस दौरान पांच बाल तस्करों को गिरफ्तार किया गया।
सूत्रों से मिली गुप्त सूचना के आधार पर वरीय मंडल सुरक्षा आयुक्त के निर्देशन में प्रभारी निरीक्षक अजय प्रकाश के नेतृत्व में आरपीएफ पोस्ट धनबाद, जीआरपी धनबाद और चाइल्ड हेल्प डेस्क की संयुक्त टीम ने अभियान चलाया। दोपहर करीब 3:58 बजे प्लेटफार्म संख्या 07/08 पर ट्रेन की जांच की गई। जांच के दौरान पांच वयस्क व्यक्तियों के साथ 13 नाबालिग बच्चे डरे-सहमे अवस्था में पाए गए।
Read more- धर्मेंद्र के निधन की खबर झूठी, बेटी ईशा देओल ने बताई सच्चाई
पूछताछ में खुलासा हुआ कि ये पांचों आरोपी बच्चों को पैसों का लालच देकर दुर्ग, सिकंदराबाद, हुबली और धारवाड़ जैसे शहरों में खतरनाक मजदूरी कार्यों (लोहे की फैक्ट्री, बिल्डिंग निर्माण और बिजली कार्य) में लगाने के लिए ले जा रहे थे। सभी आरोपियों ने बाल तस्करी में संलिप्तता स्वीकार की।
5 बाल तस्कर को किया गया गिरफ्तार
आरपीएफ टीम ने सभी बच्चों को ट्रेन से उतारकर सुरक्षित अपने कब्जे में लिया और पांचों तस्करों को मौके पर गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से यात्रा टिकट और मोबाइल फोन जब्त किए गए। इस संबंध में जीआरपी धनबाद में कांड संख्या 124/25, दिनांक 10/11/2025, अंतर्गत भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं एवं जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया।
सभी 13 नाबालिग बच्चों को चाइल्ड हेल्प डेस्क, धनबाद के माध्यम से सुरक्षित स्थान पर भेजने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
अभियान में शामिल टीम में प्रभारी निरीक्षक अजय प्रकाश के साथ उप निरीक्षक कुन्दन कुमार, पालिक मिंज, सहायक उप निरीक्षक नन्दू प्रसाद, सिपाही बिनोद शंकर सिंह, अनिल कुमार, प्रविंद कुमार (सभी आरपीएफ पोस्ट धनबाद), तथा जीआरपी धनबाद के सुमेश्वर पासवान, रामनंदन सिंह और संजीत कुमार सिंह शामिल थे।
आरपीएफ ने इस अभियान को मानव तस्करी के खिलाफ एक बड़ी उपलब्धि बताया है और कहा है कि इस तरह की कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।












