उत्तर प्रदेश: मानसून ने एक बार फिर विकराल रूप धारण कर लिया है. बीते 24 घंटों में तेज बारिश और बिजली गिरने की घटनाओं में कम से कम 14 लोगों की मौत हो गई है, जबकि कई घायल हुए हैं. बारिश के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है और सड़कों, खेतों, व रिहायशी इलाकों में भारी जलभराव की स्थिति बन गई है. मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, राज्य के 54 जिलों में औसतन 13.4 मिमी वर्षा दर्ज की गई है, जो सामान्य से 21% अधिक है. चित्रकूट जिले में 141.5 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जो अब तक की सबसे अधिक मानी जा रही है.
47 जिलों में रेड अलर्ट,14 की मौत
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने उत्तर प्रदेश के 47 जिलों में रेड अलर्ट और 18 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. इनमें लखनऊ, वाराणसी, प्रयागराज, झांसी, चित्रकूट, बहराइच, और बलरामपुर जैसे जिले शामिल हैं, जहां भारी से अति भारी बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है.
बिजली गिरने की घटनाओं में कुशीनगर में 3, बाराबंकी में 2, फतेहपुर में 2 सहित सिद्धार्थनगर, बहराइच, प्रतापगढ़ और कानपुर देहात में जानें गई हैं. मरने वालों में बच्चे, किसान और मवेशी चरा रहे लोग शामिल हैं.
लगातार बारिश के चलते लखनऊ, अयोध्या, वाराणसी समेत कई जिलों की सड़कें जलमग्न हो गई हैं. कई जगहों पर बिजली के खंभे और पेड़ गिरने से यातायात बाधित है. अमेठी, सीतापुर, रायबरेली और बाराबंकी जैसे जिलों में एहतियातन स्कूलों को बंद कर दिया गया है.
राहत और बचाव कार्य जारी
राज्य सरकार ने NDRF और SDRF की टीमों को हाई अलर्ट पर रखा है. राहत कार्य तेजी से चल रहा है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हर मृतक के परिवार को 4 लाख रुपये की मदद देने का निर्देश दिया है. साथ ही राहत शिविर, मोबाइल अस्पताल और पीने के पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा गया है.
मुख्यमंत्री ने जताई संवेदना, लोगों से सतर्क रहने की अपील
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ट्वीट कर कहा,”मौसम विभाग की चेतावनी को गंभीरता से लें. प्रशासन सतर्क है. किसी भी आपात स्थिति में हेल्पलाइन नंबर 112 या स्थानीय प्रशासन से संपर्क करें.”उन्होंने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के समुचित इलाज के निर्देश दिए.
विशेषज्ञ बोले- जलवायु परिवर्तन का असर साफ दिख रहा
लखनऊ विश्वविद्यालय के पर्यावरण वैज्ञानिक प्रो. एस.के. त्रिपाठी का कहना है कि,इस तरह की असमय और भारी वर्षा जलवायु परिवर्तन का परिणाम है. सरकार और आम जनता को अब प्राकृतिक आपदाओं को लेकर ज्यादा सजग और तैयार रहना होगा.”













