Ranchi: झारखंड आंदोलनकारी सह आजसू के पूर्व केंद्रीय अध्यक्ष ललित कुमार महतो के आवासीय कार्यालय, तमाड़ में रविवार को समता जजमेंट की 28वीं वर्षगांठ हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। इस अवसर पर आदिवासी बहुल क्षेत्रों में मालिकाना हक, जल-जंगल-जमीन की रक्षा और पेशा कानून के प्रभावी क्रियान्वयन पर गहन चर्चा की गई।
कार्यक्रम में श्री महतो ने खूंटकट्टीदार और जमींदारों को समता जजमेंट की कॉपी सौंपकर सम्मानित किया और कहा कि,
“समता जजमेंट, आदिवासी-मूलवासी समाज के अधिकारों की रक्षा का आधार है। वर्तमान परिस्थिति में पेशा कानून को सख्ती से लागू करना ही आदिवासी हितों की रक्षा का एकमात्र रास्ता है। इसके लिए झारखंडवासियों को एकजुट होकर सरकार पर दबाव बनाना होगा।”
उन्होंने जोर देते हुए कहा कि समता जजमेंट और पेशा कानून मिलकर आदिवासियों को उनके जल, जंगल और जमीन पर अधिकार सुनिश्चित कर सकते हैं।
इस कार्यक्रम में खूंटकट्टीदार/जमींदार विजय सिंह मानकी, अनिल मुंडा सहित दर्जनों प्रमुख लोगों ने भाग लिया। सभी प्रतिभागियों को ललित महतो द्वारा समता जजमेंट की प्रति देकर सम्मानित किया गया।












