Ranchi: वरिष्ठ कांग्रेस नेता, पूर्व मंत्री और पूर्व सांसद चंद्रशेखर दुबे उर्फ ददई दुबे के निधन से झारखंड की राजनीति में शोक की लहर दौड़ गई है। उनके पार्थिव शरीर को शुक्रवार को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय, रांची लाया गया, जहां कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि अर्पित की।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं, मंत्रियों और विधायकों ने दुबे के पार्थिव शरीर पर कांग्रेस का झंडा अर्पित कर उन्हें सम्मान दिया। इसके बाद शोकसभा का आयोजन किया गया।
शोकसभा को संबोधित करते हुए केशव महतो कमलेश ने कहा, “स्व. ददई दुबे ने झारखंड-बिहार की राजनीति में एक अलग पहचान बनाई। उन्होंने कभी भी अपने सिद्धांतों और मान-सम्मान के साथ समझौता नहीं किया। राजनीति में ऐसे नेता बहुत कम मिलते हैं। उनके योगदान की भरपाई निकट भविष्य में संभव नहीं है।”
कांग्रेस के सह प्रभारी डॉ. सिरिवेल्ला प्रसाद ने दुबे को याद करते हुए कहा कि वे कांग्रेस पार्टी के मजबूत स्तंभ थे और उनके निधन से पार्टी को अपूरणीय क्षति हुई है।
इस मौके पर शोक व्यक्त करने वाले प्रमुख नेताओं में मंत्री दीपिका पांडेय सिंह, डॉ. इरफान अंसारी, शिल्पी नेहा तिर्की, डॉ. रामेश्वर उरांव, राजेश ठाकुर, कुमार जयमंगल, अनुपमा सिंह, बन्धु तिर्की, सुबोध कांत सहाय, शहजादा अनवर, राकेश सिन्हा, सतीश पॉल मुंजनी, गजेन्द्र सिंह, लाल किशोर नाथ शाहदेव, बादल पत्रलेख, प्रदीप तुलस्यान, फुरकान अंसारी, मंजूर अहमद अंसारी, राजीव रंजन पासवान, जय शंकर पाठक, संजय लाल पासवान, राजन वर्मा, केएन त्रिपाठी, भीम कुमार, सुरेन्द्र सिंह, डॉ. एम. तौसीफ, सूर्यकांत शुक्ला, शांतनु मिश्रा, ज्योति सिंह मथारू समेत अन्य नेता शामिल रहे।
कांग्रेस नेताओं ने एक स्वर में कहा कि चंद्रशेखर दुबे का योगदान झारखंड और बिहार की राजनीति में हमेशा याद किया जाएगा।












