Rajasthan weather: राजस्थान में लगातार हो रही मूसलधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है. पिछले 24 घंटों में राज्यभर में बारिश से जुड़ी घटनाओं में 12 लोगों की मौत हो गई है. कई जिलों में बारिश की वजह से स्कूलों को बंद करने का आदेश दिया गया है. सबसे अधिक नुकसान कोटा और पाली जिलों में हुआ है, जहां सरकारी और निजी स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है.
कोटा, पाली, चित्तौड़गढ़, भरतपुर समेत 13 जिलों के लिए जारी चेतावनी
मौसम विभाग ने राज्य के 13 जिलों में अगले 24 घंटों के भीतर भारी से अति भारी बारिश की संभावना जताई है. इन जिलों में कोटा, पाली, चित्तौड़गढ़, भरतपुर, प्रतापगढ़ और जयपुर प्रमुख हैं. लगातार हो रही बारिश से जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है, नदी-नाले उफान पर हैं और यातायात में बाधाएं आ रही हैं.
बारिश से हुई मौतों का विवरण
बारिश के कारण हुई मौतों में चित्तौड़गढ़ में 4, प्रतापगढ़ में 3, चूरू में 2 और कोटा, पाली तथा भरतपुर में एक-एक व्यक्ति की जान गई है. मौतों के मुख्य कारण बिजली गिरना, डूबना, करंट लगना और भूस्खलन रहे हैं. कोटा में चंबल नदी में बहे सात लोगों में से अब तक एक व्यक्ति को सुरक्षित बचाया जा सका है, जबकि अन्य छह अभी भी लापता हैं.
रेलवे ट्रैक पर पानी का असर, ट्रेनों का संचालन प्रभावित
पाली जिले में बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है. रेलवे ट्रैक के नीचे से मिट्टी बहने के कारण ट्रेनों का संचालन प्रभावित हुआ है. पाली के एसपी और जिला कलेक्टर ने प्रभावित इलाकों का दौरा किया और जलभराव वाली जगहों का निरीक्षण किया. रामदेव रोड, मोची कॉलोनी, न्यू प्रताप नगर और सिंधी कॉलोनी जैसे इलाकों में घरों में पानी घुसने से लोग परेशान हैं.
कोटा में SDRF की टीमें सक्रिय
कोटा में एसडीआरएफ की टीमें राहत और बचाव कार्यों में जुटी हैं. चंबल नदी के किनारे बसे गांवों में बाढ़ के हालात बने हुए हैं. निमोदा हरिजी गांव में बाढ़ के दौरान बहे लोगों को बचाने के लिए रातभर ऑपरेशन चलता रहा. वहीं, बंधा धर्मपुरा क्षेत्र में पानी के तेज बहाव में एक युवती की मौत हो गई है.
प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट
राज्य सरकार ने सभी जिला कलेक्टरों को 24 घंटे के लिए अलर्ट मोड पर रहने का निर्देश दिया है. एसडीआरएफ और पुलिस टीमों को राहत कार्यों के लिए तैयार रहने को कहा गया है. प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि वे नदी-नालों के पास न जाएं और जलभराव वाले क्षेत्रों में सावधानी बरतें.
मौसम विभाग का अनुमान
मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि 17 जुलाई के बाद बारिश की तीव्रता में थोड़ी कमी आ सकती है, लेकिन तब तक प्रशासन को सतर्क रहना होगा.













