Jharkhand: झारखंड के रामगढ़ और हजारीबाग जिले में ग्रामीण विकास विभाग के तहत हो रहे टेंडर आवंटन में बड़े घोटाले का आरोप लगाया गया है। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के प्रदेश सचिव महेंद्र पाठक ने मुख्यमंत्री, ग्रामीण विकास मंत्री और विभाग के चीफ इंजीनियर को पत्र लिखकर मामले की CBI जांच की मांग की है।
पाठक ने आरोप लगाया कि रामगढ़ ग्रामीण विकास प्रमंडल द्वारा हाल ही में निकाले गए 9 पीसीसी पथ निर्माण टेंडरों में से 8 टेंडर एक ही ठेकेदार – विंध्याचल कंस्ट्रक्शन को दे दिए गए। आरोप यह भी है कि यह टेंडर विधानसभा चुनाव से दो महीने पहले ही निकाले गए थे, जिससे प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
एक ही ठेकेदार को लगातार मिल रहे ठेके
पाठक ने कहा कि टेंडर प्रक्रिया पूरी तरह से पक्षपातपूर्ण हो चुकी है। रामगढ़ के कार्यपालक अभियंता पर आरोप है कि वे सिर्फ अपने मनपसंद ठेकेदारों को टेंडर सौंप रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि बचे हुए एक टेंडर – जो कि श्याम बागी से हार्वे तक 2.6 किलोमीटर पीसीसी पथ का है और जिसकी लागत 2.32 करोड़ रुपये है – उसे भी उसी ठेकेदार को दिए जाने की प्रक्रिया जारी है।
हजारीबाग में भी अनियमितताएं
पाठक ने हजारीबाग जिले के विष्णुगढ़ प्रखंड के टेंडर का जिक्र करते हुए कहा कि ग्राम चटकारी से रोहनियाटांड़ तक की सड़क परियोजना का टेंडर साल भर पहले निकला था, जिसमें 10 ठेकेदारों ने भाग लिया था। लेकिन एक साल बीत जाने के बावजूद अब तक टेंडर नहीं खोला गया है। आरोप है कि विभाग अधिक बोली लगाने वाले एक खास ठेकेदार का इंतजार कर रहा है।
2024 में भी हुआ मनमाना टेंडर आवंटन
महेंद्र पाठक ने आरोप लगाया कि साल 2024 में भी बड़े टेंडर क्लासिक कंस्ट्रक्शन नामक ठेकेदार को मनमाने तरीके से सौंपे गए थे। लगातार एक ही ठेकेदार को काम देने से गुणवत्ता की अनदेखी हो रही है और आम जनता में गहरा आक्रोश है।
CBI जांच की मांग
भाकपा नेता ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि रामगढ़ और हजारीबाग जिले में ग्रामीण विकास विभाग की सभी परियोजनाओं की CBI जांच कराई जाए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने सुझाव दिया कि टेंडर प्रक्रिया को पारदर्शी बनाते हुए सभी योग्य ठेकेदारों को समान अवसर दिया जाए, ताकि काम में गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके।













