Dhanbad News: झारखंड सरकार राज्य की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और उन्हें स्वरोजगार से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है. ग्रामीण विकास, पंचायती राज और ग्रामीण कार्य विभाग की मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने बुधवार को धनबाद परिसदन में यह जानकारी दी. उन्होंने कहा कि राज्य में विभिन्न स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाएं तेजी से स्वरोजगार से जुड़ रही हैं और आने वाले दिनों में महिलाओं को नौकरी उपलब्ध कराने की दिशा में भी योजनाएं तैयार की जा रही हैं.
मंइया सम्मान योजना से महिलाओं को जोड़ा जाएगा समूह से
मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने बताया कि मंइया सम्मान योजना का लाभ लेने वाली महिलाओं को महिला समूहों से जोड़ा जाएगा, ताकि वे न सिर्फ आर्थिक रूप से स्वतंत्र बन सकें बल्कि स्वरोजगार के अवसर भी प्राप्त कर सकें. उन्होंने कहा कि राज्य में ग्रामीण औद्योगीकरण की परिकल्पना अब साकार होती दिख रही है.
मनरेगा में बड़े पैमाने पर काम, गड़बड़ी पर कार्रवाई तय
मंत्री सिंह ने जानकारी दी कि झारखंड में मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना) के तहत दो करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य तय किया गया है. साथ ही वर्षा जल संचयन और मिट्टी-मोरम योजनाओं को भी शामिल किया गया है. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मनरेगा योजना में गड़बड़ी करने वाले अधिकारियों, खासकर बीडीओ स्तर पर कार्रवाई की जाएगी.
फूल की खेती और ग्रामीण सड़कों पर भी विशेष जोर
उन्होंने बताया कि राज्य में फूलों की खेती की असीम संभावनाएं हैं और इसके लिए किसानों को मनरेगा के माध्यम से योजनाएं दी जा रही हैं. वहीं, आने वाले 6 से 8 माह में ग्रामीण सड़कों और पुलों का निर्माण शुरू किया जाएगा. इसके लिए 15 करोड़ रुपये सड़कों और 10 करोड़ रुपये पुल-पुलिया निर्माण के लिए विधायक अनुशंसा पर आवंटित किए गए हैं.
लंबित वेतन भुगतान मामलों पर मंत्री का आश्वासन
धनबाद परिसदन में मंत्री से ग्रामीण विकास शाखा के कई कर्मचारियों ने मुलाकात की और पिछले सात महीनों से लंबित वेतन भुगतान के मामलों की जानकारी दी. इस पर मंत्री ने भरोसा दिलाया कि वे रांची लौटने के बाद त्वरित कार्रवाई करेंगी ताकि लंबित वेतन भुगतान जल्द सुनिश्चित हो सके.













