Ranchi : झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और झारखंड आंदोलन के प्रणेता दिशोम गुरु शिबू सोरेन के निधन के बाद, उनके श्राद्ध कर्म की परंपरा को उनकी बहू और राज्य की राजनीति में सक्रिय नेता कल्पना सोरेन ने पूरी निष्ठा और सम्मान के साथ निभाया।
रविवार को नेमरा स्थित पारिवारिक आवास पर आयोजित श्राद्ध कर्म में परिवार के सदस्य, रिश्तेदार, समुदाय के बड़े-बुजुर्ग और ग्रामवासी मौजूद रहे। कल्पना सोरेन ने विधि-विधान से सभी रीति-रिवाज पूरे किए और दिवंगत नेता की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
रीति-रिवाज और परंपरा का निर्वहन।
वीर दिशोम गुरु शिबू सोरेन अमर रहें! pic.twitter.com/r3uEOTGwfS
— Kalpana Murmu Soren (@JMMKalpanaSoren) August 10, 2025
परंपरा और संस्कार का सम्मान
श्राद्ध कर्म के दौरान पारंपरिक पूजा-अर्चना, पिंडदान और सामूहिक भोज का आयोजन किया गया। कल्पना सोरेन ने कहा कि दिशोम गुरु के जीवन के आदर्श और उनके द्वारा दिखाए गए मार्ग को परिवार और समाज हमेशा याद रखेगा।
समुदाय की बड़ी उपस्थिति
गांव और आस-पास के इलाकों से बड़ी संख्या में लोग नेमरा आवास पहुंचे और श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर माहौल भावुक रहा, वहीं लोगों ने दिशोम गुरु के योगदान को याद करते हुए उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि दी।













