Ranchi News: रांची के उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी मंजूनाथ भजन्त्री के जनता दरबार ने एक बार फिर प्रशासन की संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई क्षमता का परिचय दिया। आज के दरबार में जैसे ही एक महिला अपने 100 प्रतिशत दिव्यांग पुत्र के साथ पहुंची, उपायुक्त ने तत्काल ट्राईसाइकिल उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। कुछ ही पलों में बच्चे को ट्राईसाइकिल मिल गई, जिससे शांति देवी की आंखें नम हो गईं।
शांति देवी ने बताया कि उनका परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहा है और वे मंईयां सम्मान योजना हेतु आवेदन नहीं कर पाई हैं। इस पर उपायुक्त ने मौके पर ही उनके लिए दिव्यांग पेंशन एवं योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया प्रारंभ करने का निर्देश दिया।
जनता दरबार में उठे प्रमुख मुद्दे:
- भूमि विवाद: कई फरियादियों ने जमीन से जुड़े मामलों को रखा। उपायुक्त ने व्यक्तिगत रूप से संबंधित अंचल अधिकारियों से बात की और पारदर्शी निष्पादन के निर्देश दिए।
- लापरवाही पर कार्रवाई: नामकुम की संगीता देवी ने दाखिल-खारिज में हो रही लापरवाही की शिकायत की। जांच के बाद संबंधित कर्मचारी पर कार्रवाई का आदेश दिया गया।
- सामाजिक सुरक्षा योजनाएं: पेंशन, मंईयां सम्मान योजना, और खाद्य सुरक्षा कार्ड से जुड़ी शिकायतों को गंभीरता से लिया गया और संबंधित विभागों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
- रेल हादसे में घायल युवक को राशन कार्ड: एक युवक जो ट्रेन दुर्घटना में अपने दोनों पैर गंवा चुका था, उसे पीला राशन कार्ड देने की प्रक्रिया तत्काल शुरू की गई।
उपायुक्त की संवेदनशील पहल:
उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने कहा कि “जनता दरबार आम नागरिकों से सीधा संवाद स्थापित करने का सशक्त माध्यम है। हम हर शिकायत को गंभीरता से लेते हैं और समाधान सुनिश्चित करते हैं।” जनता दरबार में आज बड़ी संख्या में महिलाएं, वृद्धजन और सामाजिक सुरक्षा से वंचित लोग पहुंचे, जिन्हें उचित मार्गदर्शन और त्वरित समाधान मिला।













