Jharkhand News: झारखंड में स्कूली शिक्षा को राष्ट्रीय मानकों पर लाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) की हाल ही में हुई बैठक में राष्ट्रीय शैक्षणिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) के पाठ्यक्रम को राज्य में चरणबद्ध तरीके से लागू करने की योजना पर चर्चा हुई।
इस कदम का उद्देश्य राज्य के शिक्षा ढांचे को राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप बनाना है, जिससे छात्रों में वैचारिक स्पष्टता, विषय की गहराई और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमताएं विकसित हो सकें।
छात्र होंगे नेशनल लेवल कॉम्पिटीशन के लिए तैयार
JAC अध्यक्ष डॉ. नटवा हांसदा ने बताया कि बोर्ड का लक्ष्य गुणवत्तापूर्ण और पारदर्शी शिक्षा प्रणाली को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि NCERT सिलेबस अपनाने से छात्रों को राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं की बेहतर तैयारी में मदद मिलेगी।
JAC की योजना:
- कक्षा-वार चरणबद्ध रूप से NCERT पाठ्यपुस्तकों और पाठ्यक्रम को अपनाया जाएगा।
- प्रत्येक विषय के लिए ब्लूप्रिंट टेम्पलेट और दक्षता मानचित्रण को अंतिम रूप दिया जाएगा।
- शिक्षकों और प्रश्न पत्र निर्माताओं के लिए विशेष क्षमता-विकास कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी।
- एक्सपर्ट्स से फीडबैक लेकर पाठ्यक्रम और शिक्षण प्रक्रिया में लगातार सुधार किया जाएगा।
प्रश्न पत्रों में होंगे बदलाव
NCERT सिलेबस लागू होने के बाद परीक्षा प्रणाली में भी बदलाव किया जाएगा। अब प्रश्न पत्रों का ब्लूप्रिंट तैयार किया जाएगा, जिसमें संज्ञानात्मक स्तरों जैसे ज्ञान, समझ, अनुप्रयोग और विश्लेषण को ध्यान में रखते हुए अंक वितरण किया जाएगा।
बैठक में JAC सचिव जयंत कुमार मिश्रा, विधायक-सदस्य नागेंद्र महतो, सदस्य सुशीला मिश्रा, मो. सिराजुद्दीन, डॉ. प्रसाद पासवान और कुणाल प्रताप सिंह उपस्थित थे।










