West Bengal: पश्चिम बंगाल विधानसभा के तीन दिवसीय विशेष सत्र का तीसरा और अंतिम दिन भारी हंगामे और झड़प की भेंट चढ़ गया। तृणमूल कांग्रेस (TMC) और विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (BJP) विधायकों के बीच तीखी नारेबाजी, धक्का-मुक्की और हाथापाई हुई।
बंगाली प्रवासियों पर प्रस्ताव के दौरान मचा बवाल
सरकारी प्रस्ताव के तहत बंगाली प्रवासियों पर कथित अत्याचारों पर चर्चा चल रही थी। जैसे ही मुख्यमंत्री ममता बनर्जी बोलने वाली थीं, भाजपा विधायक नारेबाजी करने लगे। यह विवाद और बढ़ गया जब 2 सितंबर को विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी के निलंबन का मुद्दा दोबारा उठाया गया।
शंकर घोष का निलंबन और मार्शलों की एंट्री
अध्यक्ष बिमान बनर्जी ने सदन में अव्यवस्था फैलाने के आरोप में भाजपा के मुख्य सचेतक शंकर घोष को पूरे दिन के लिए निलंबित करने की घोषणा की। घोष के बाहर न जाने पर विधानसभा मार्शलों को बुलाया गया और उन्हें सदन से बाहर ले जाया गया। इससे दोनों पक्षों के बीच माहौल और गरमा गया।
शुभेंदु अधिकारी का सीएम पर वार
हंगामे के बाद विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर वीडियो साझा करते हुए लिखा कि “आज पश्चिम बंगाल विधानसभा में लोकतंत्र की हत्या कर दी गई। ममता बनर्जी और उनका प्रशासन लोकतांत्रिक मूल्यों को कुचल रहा है।”
राजनीतिक तापमान और बढ़ा
बीजेपी ने इस घटना को “लोकतंत्र पर हमला” बताया है, जबकि तृणमूल कांग्रेस का कहना है कि विपक्ष जानबूझकर सदन की कार्यवाही बाधित कर रहा है। इस घटनाक्रम के बाद राज्य की राजनीति और गरमाने की संभावना है।













