World News: नेपाल की पहली महिला अंतरिम प्रधानमंत्री सुशीला कार्की ने सिंह दरबार स्थित प्रधानमंत्री कार्यालय में पदभार ग्रहण कर लिया। उन्होंने राजनीतिक अस्थिरता और जन आंदोलन के बीच यह जिम्मेदारी संभालते हुए कई अहम घोषणाएं कीं।
सुशीला कार्की ने पदभार संभालते ही मुख्य सचिव और सभी मंत्रालयों के सचिवों की एक आपात बैठक बुलाई और स्पष्ट कर दिया कि उनकी प्राथमिकताएं देश में शांति, लोकतंत्र और पारदर्शिता बहाल करना है।
आंदोलन में मारे गए लोगों को शहीद घोषित, मिलेगा मुआवजा
प्रधानमंत्री कार्की ने Gen-Z आंदोलन में मारे गए 51 लोगों को शहीद घोषित करने का ऐलान किया है। इसके साथ ही, पीड़ित परिवारों को 10-10 लाख नेपाली रुपये मुआवजा देने की घोषणा की गई।
हिंसा में मारे गए लोगों में एक भारतीय महिला भी शामिल थी।
“6 महीने में सत्ता छोड़ दूंगी” – कार्की
सुशीला कार्की ने स्पष्ट किया कि वे अंतरिम प्रधानमंत्री के रूप में 6 महीने से अधिक पद पर नहीं रहेंगी और नवनिर्वाचित संसद को सत्ता सौंप देंगी। उन्होंने घोषणा की कि 5 मार्च 2026 को आम चुनाव कराए जाएंगे।
भ्रष्टाचार और पारदर्शिता पर सख्त रुख
प्रधानमंत्री कार्की ने भ्रष्टाचार पर “जीरो टॉलरेंस” नीति अपनाने का ऐलान किया और कहा कि उनकी सरकार का मुख्य फोकस प्रशासनिक सुधार और पारदर्शिता पर रहेगा।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रियाएं: भारत, चीन और बांग्लादेश ने दी बधाई
- भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कार्की की नियुक्ति को “महिला सशक्तिकरण का प्रतीक” बताया और नेपाल की लोकतांत्रिक भावना की सराहना की।
- चीन ने नेपाल में स्थिरता और सामाजिक व्यवस्था की बहाली की उम्मीद जताई है।
- बांग्लादेश ने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए नेपाल की स्थिति पर करीबी नजर रखने की बात कही है।
कर्फ्यू में ढील, हालात हो रहे सामान्य
6 दिनों की हिंसा के बाद काठमांडू के कई इलाकों से कर्फ्यू हटा लिया गया है।
- पब्लिक ट्रांसपोर्ट सेवा बहाल कर दी गई है।
- भारत-नेपाल सीमा पर भी आवागमन शुरू हो गया है।
हालांकि काठमांडू के 6 संवेदनशील इलाकों में अब भी कर्फ्यू जारी है, जहां जुलूस, सभा, भूख हड़ताल आदि पर दो महीने तक प्रतिबंध रहेगा।
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