Jharkhand News: झारखंड में कुड़मी समाज के लोग शनिवार को रेल टेका आंदोलन (Rail Teka Andolan) में जुटे हैं, जिसमें वे अनुसूचित जनजाति (ST) में शामिल करने की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी सुबह से ही पारंपरिक परिधान में ढोल-मांदर के साथ रेलवे ट्रैक पर बैठकर ट्रेनों को रोकने का प्रयास कर रहे हैं, जिससे कई रेलवे स्टेशन पर ट्रेन सेवाएं प्रभावित हो रही हैं।
इस आंदोलन का असर गिरिडीह, चक्रधरपुर, जामताड़ा, बोकारो और अन्य शहरों के रेलवे स्टेशनों पर भी दिख रहा है। रांची के 4 प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर धारा 144 लागू कर दी गई है, ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे।
कुड़मी समाज के नेता ओमप्रकाश महतो ने बताया कि उनका यह आंदोलन केंद्र सरकार के खिलाफ है और वे किसी सड़कीय मार्ग को प्रभावित नहीं करेंगे। उनके अनुसार, रेल मार्ग पर बाधा डाली जाएगी, ताकि उनकी मांगें सुनी जा सकें।
कुड़मी समाज ने झारखंड, बंगाल, और ओडिशा के 100 से अधिक रेलवे स्टेशनों पर आंदोलन फैलाने का ऐलान किया है, जिनमें से 40 झारखंड के रेलवे स्टेशन हैं। रांची, मुरी, टाटीसिल्वे, और मेसरा जैसे प्रमुख स्टेशनों पर भी प्रदर्शनकारी ट्रैक पर उतर आए हैं।
इस आंदोलन को आजसू और अन्य राजनीतिक दलों का समर्थन प्राप्त है। आंदोलन की वजह से रेलवे यातायात प्रभावित हो सकता है, और यात्रियों को कठिनाई हो सकती है।
कुड़मी समाज के आंदोलन में कई पार्टियों का भी सहयोग है, और इसके कारण रेलवे सेवाएं और यात्रियों के लिए आनेवाले समय में चुनौतियां पैदा हो सकती हैं।












