World News: नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री और CPN-UML अध्यक्ष केपी शर्मा ओली इस्तीफे के बाद पहली बार सार्वजनिक मंच पर दिखाई दिए हैं। शनिवार को वे भक्तपुर में पार्टी के छात्र संगठन राष्ट्रीय युवा संघ के कार्यक्रम में शामिल हुए। यह उनकी सक्रिय राजनीति में वापसी और खासतौर पर युवाओं से दोबारा जुड़ने की कोशिश मानी जा रही है।
9 सितंबर को हुई हिंसक झड़पों और “Gen-Z क्रांति” के दबाव के बाद ओली को प्रधानमंत्री पद छोड़ना पड़ा था। प्रदर्शन और आगजनी के कारण उन्हें हेलिकॉप्टर से सुरक्षित बाहर निकाला गया था। इसके बाद वे सार्वजनिक जीवन से पूरी तरह दूर थे। शुरुआती दिनों में उनकी सुरक्षा नेपाल आर्मी ने संभाली और उन्हें अस्थायी निवास में रखा गया।
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उनकी जगह पूर्व मुख्य न्यायाधीश सुशीला कार्की को अंतरिम प्रधानमंत्री बनाया गया है। फिलहाल संसद भंग हो चुकी है और मार्च 2026 में नए आम चुनाव करवाए जाने की घोषणा की गई है। इस बीच, बड़ी संख्या में युवा काठमांडू और अन्य शहरों में सड़कों पर उतरकर पारदर्शिता, भ्रष्टाचार उन्मूलन और सोशल मीडिया प्रतिबंध हटाने की मांग कर रहे हैं।
विश्लेषकों के अनुसार, ओली की यह सार्वजनिक मौजूदगी उनकी राजनीतिक प्रासंगिकता बनाए रखने और युवाओं के बीच अपनी छवि सुधारने का प्रयास है।
Gen-Z प्रोटेस्ट और जनहानि
नेपाल में “जनरेशन-ज़ेड क्रांति” को 2006 के जनआंदोलन से जोड़कर देखा जा रहा है, जिसने राजशाही का अंत कर गणतंत्र की नींव रखी थी। मौजूदा विरोध प्रदर्शन के दौरान 74 प्रदर्शनकारियों की जान जा चुकी है।
– केवल पहले दिन 21 छात्रों समेत प्रदर्शनकारी मारे गए।
– अगले दिन 39 और लोगों की मौत हो गई, जिनमें से कई आगजनी में झुलसकर मरे।
– अगले दस दिनों में और 14 प्रदर्शनकारियों की मौत दर्ज हुई।
इन हालातों में ओली की फिर से सार्वजनिक वापसी को उनकी राजनीतिक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
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