Jharkhand: झारखंड में आप सरकारी नौकरी पाने का ख्वाब देख रहे हैं तो आपमें बड़ी हिम्मत होनी चाहिए. झारखंड में एक तो नियुक्ति निकलती नहीं है, नियुक्ति निकलती है तो परीक्षा नहीं हो पाती है और अगर गलती से सरकार परीक्षा ले भी लेती है तो या तो रिजल्ट जारी नहीं होते हैं और अगर होते भी हैं तो वो बाद में रद्द भी किए जा सकते हैं इसलिए अगर आप झारखंड में सरकारी नौकरी पाना चा रहे हैं तो आपने बहुत ज्यादा हिम्मत होनी चाहिए.क्योंकि यहां नौकरी देने के बाद हाथ से वापस भी ले ली जाती है.
सैकड़ों अभ्यर्थियों के सपने चूर
हम बात कर रहे हैं सहायक आचार्य नियुक्ति के संदर्भ में. दरअसल, झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) द्वारा सहायक आचार्य का संशोधित रिजल्ट जारी किया गया जिसके बाद सैकड़ों अभ्यर्थियों के सपने आंख के सामने ही चूर हो गए.
सामाजिक विज्ञान विषय का परिणाम जारी
झारखंड कर्मचारी चयन आयोग ने स्नातक प्रशिक्षित सहायक आचार्य नियुक्ति के तहत सामाजिक विज्ञान विषय का परिणाम जारी किया. इस संशोधित परिणाम में कुल 2748 अभ्यर्थी सफल घोषित हुए । लेकिन इससे पहले जब आयोग ने परिणाम जारी किए थे तब 3033 अभ्यर्थी सफल हुए थे। इस तरह संशोधित परिणाम में पूर्व के परिणाम की तुलना में 285 अभ्यर्थी कम उत्तीर्ण हुए।
अगस्त में जारी हुए थे रिजल्ट
सहायक आचार्य नियुक्ति परीक्षा का संशोधित परिणाम जारी होते ही हजारों अभ्यर्थियों के सपने अचानक बिखर गए हैं.
पिछले साल 26 हजार से अधिक पदों के लिए आयोजित सहायक आचार्य परीक्षा के नतीजे अगस्त में आए थे. तब 10,570 उम्मीदवार सफल घोषित हुए थे, लेकिन तकनीकी गड़बड़ियों की शिकायतों के बाद आयोग ने संशोधित सूची जारी की. अब सफल उम्मीदवारों की संख्या घटकर 9,448 रह गई. यानी 1122 अभ्यर्थी जो पहले चयनित थे, अब असफल घोषित कर दिए गए हैं.
285 उम्मीदवार हुए बाहर
प्राथमिक स्तर यानी कक्षा 1 से 5 के लिए चयनित 384 उम्मीदवारों के नाम लिस्ट से हटा दिए गए हैं. कक्षा 6 से 8 के विज्ञान-गणित में 207, भाषा में 246 और सामाजिक विज्ञान में 285 उम्मीदवार बाहर हो गए. यह बदलाव उन युवाओं के लिए बेहद कठिन है, जिन्होंने तैयारी में वर्षों समय दिया था और मेहनत की थी.
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आयोग ने क्या कहा
अब इस मामले को लेकर आयोग और विभाग के पदाधिकारी किसी भी अतिरिक्त कदम से इनकार कर रहे हैं. उनका कहना है कि संशोधित परिणाम तकनीकी त्रुटियों को ठीक कर जारी किया गया है और अब यही अंतिम माना जाएगा.
अभ्यर्थियों का प्रदर्शन शुरु
लेकिन अभ्यर्थी मानने को तैयार नहीं हैं. उनका कहना है कि इस राज्य में उनके सपने टूट रहे हैं और मेहनत की कोई कद्र नहीं हो रही. कई जगहों पर विरोध-प्रदर्शन शुरू हो चुका है.
क्या करेंगे अभ्यर्थी
आयोग के द्वारा दो बार रिजल्ट जारी करने के बाद अभ्यर्थियों में मायूसी है. जो अभ्यर्थी पहले सफल हुए, अपनी नौकरी लगने का जश्न मनाया और अब वहीं अभ्यर्थियों की छंटनी हो गई. अब उनका क्या होगा.












