Patna News: पटना मेट्रो अपने उद्घाटन से पहले आज आखिरी बार ट्रायल रन के लिए पटरी पर उतरेगी. कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी जनक कुमार गर्ग के नेतृत्व में टीम रूट की हर तकनीकी बारीकी की जांच करेगी. इसमें सिग्नलिंग सिस्टम, ट्रैक की मजबूती, ट्रेन की औसत रफ्तार और ब्रेकिंग सिस्टम जैसी महत्वपूर्ण चीजों को परखा जाएगा. टीम की रिपोर्ट पर ही उद्घाटन की तारीख तय होगी.
पटना मेट्रो का पहला ट्रायल 3 सितंबर को डिपो परिसर के 800 मीटर लंबे ट्रैक पर हुआ था. इसके बाद 7 सितंबर को मेट्रो ने डिपो से आईएसबीटी स्टेशन होते हुए भूतनाथ स्टेशन तक 3.6 किमी का सफर एलिवेटेड ट्रैक पर तय किया. इस दौरान ट्रेन की रफ्तार, सिग्नल व्यवस्था और ट्रैक सुरक्षा का परीक्षण किया गया.
16 सितंबर को भी सेफ्टी कमिश्नर की टीम ने जांच की और कुछ तकनीकी खामियों को सुधारने का निर्देश दिया था.
किराया और क्षमता
मेट्रो की औसत रफ्तार 40 किलोमीटर प्रति घंटा निर्धारित की गई है. यात्रियों के लिए न्यूनतम किराया 15 रुपये रखा गया है. न्यू आईएसबीटी से जीरो माइल तक का किराया 15 रुपये होगा जबकि न्यू आईएसबीटी से भूतनाथ तक 30 रुपये देना होगा.
एक कोच में लगभग 300 यात्री यात्रा कर सकेंगे. तीन कोच वाली ट्रेन में करीब 900 लोगों की क्षमता होगी. सुरक्षा के लिए हर बोगी में 360 डिग्री कैमरे लगे हैं और आपात स्थिति में यात्रियों को ड्राइवर से संपर्क करने के लिए रेड बटन की सुविधा दी गई है.
डिजाइन की खासियतें
पटना मेट्रो की बोगियों को खास तौर पर मधुबनी पेंटिंग से सजाया गया है. नारंगी रंग में तैयार बोगियों पर बिहार की धरोहरों के चित्र लगाए गए हैं जिनमें गोलघर, महावीर मंदिर, महाबोधि वृक्ष, बुद्ध स्तूप और नालंदा खंडहर शामिल हैं. बोगियों के अंदर और बाहर का लुक पूरी तरह बदलकर आधुनिक और सांस्कृतिक पहचान के साथ तैयार किया गया है.













