Lifestyle News: 2 से 22 अक्टूबर के बीच, यानी दीवाली के समय आपको बहुत ही सावधान रहने की जरूरत है. कहा जाता है कि इस समय नेगेटिव एनर्जी बहुत बढ़ जाती है, और इसी दौरान टोने-टोटके जैसी चीजें सबसे ज़्यादा होती हैं. ऐसी खबरें इन दिनों सोशल मीडिया पर है. कई वायरल मैसेजों में दावा किया जा रहा है कि इस दौरान कुछ चीज़ों से बचना बेहद जरूरी है, वरना बुरा असर हो सकता है.
इन मान्यताओं के अनुसार, इस समय नेगेटिव एनर्जी सबसे ज्यादा सक्रिय होती है, और कुछ विशेष चीज़ों के ज़रिए इसे फैलाया जा सकता है. आइए जानते हैं उन चीजों के बारे में जिनसे दूर रहने की सलाह दी जा रही है.
नींबू या राख अगर घर के बाहर दिखे, तो उसे कभी हाथ न लगाएं.
सड़क या मंदिर में गिरा सिक्का न उठाएं, चाहे वह कितना भी चमकदार क्यों न हो.
अनजान व्यक्ति से मिठाई या प्रसाद न लें.
रात में जूते-चप्पल घर के बाहर न छोड़ें.
लाल कपड़ा जिस पर गांठ बंधी हो, घर में मिले तो तुरंत बाहर फेंकें और गंगाजल का छिड़काव करें.
झाड़ू को घर के बाहर रखने से बचें.
बालों का गुच्छा कहीं दिखे, तो उसे छूने से परहेज़ करें.
लेकिन क्या इन बातों में सच्चाई है?
खबर मंत्रा इन दावों की पुष्टि नहीं करता है. विशेषज्ञों का कहना है कि इन चेतावनियों का कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है. ये मान्यताएं लोकविश्वास, पारंपरिक अनुभव और संस्कृति-विशेष की मान्यताओं पर आधारित होती हैं.
त्योहारों के दौरान मौसम में बदलाव, थकान, नींद की कमी और भागदौड़ के कारण मानसिक दबाव बढ़ सकता है, जिसे कुछ लोग ‘नेगेटिव एनर्जी’ के रूप में महसूस कर सकते हैं. ऐसे में यह जरूरी है कि हम साफ-सफाई रखें, सकारात्मक सोच बनाए रखें, और अंधविश्वास से दूर रहें.
क्या करें?
घर में नियमित सफाई करें
दीयों और सुगंधित धूप से सकारात्मक माहौल बनाएं
थकान से बचने के लिए पर्याप्त नींद लें
अफवाहों पर ध्यान न दें, सोच-समझ कर कदम उठाएं
इस त्योहारी सीजन में – खुश रहें, सुरक्षित रहें, और सोचें सकारात्मक।













