Jharkhand: दुमका ज़िले के शिकारीपाड़ा थाना क्षेत्र के अमचुआ गाँव में शुक्रवार रात एक भीषण दोहरे हत्याकांड ने खलबली मचा दी, जहाँ एक व्यक्ति ने अपनी 19 वर्षीय पत्नी सोना मुर्मू और उसकी 70 वर्षीय दादी सोना बस्के की बेरहमी से हत्या कर दी। आरोपी राजू सोरेन को रविवार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
दुमका के एसपी पीतांबर सिंह खेरवार के अनुसार, आरोपी ने अपराध की ज़िम्मेदारी लेते हुए कहा कि उसकी पत्नी और सास उसे अपमानित करती थीं और नौकरों जैसा व्यवहार करती थीं। राजू अपनी पत्नी के चरित्र पर भी शक करता था, जिससे वह गुस्से में था।
हत्या का मकसद
पुलिस जाँच में पता चला कि राजू अपनी पत्नी के घर में “घर जमाई” (घर का दामाद) था। उसकी पत्नी और सास उससे घरेलू काम और खेती का काम करवाती थीं और उसे लगातार ताने मारती थीं। अपमानित महसूस करते हुए, राजू ने बदला लेने की योजना बनाई। शुक्रवार शाम को, पड़ोस के एक फुटबॉल मैच से लौटने के बाद, राजू और उसकी पत्नी के बीच झगड़ा हुआ। गुस्से में आकर, उसने अपनी पत्नी पर मवेशियों को बांधने वाले लकड़ी के खंभे (खूंटा) से वार किया, जिससे उसकी तुरंत मौत हो गई। जब दादी ने उसे रोकने की कोशिश की, तो उसने उनकी भी हत्या कर दी।
पुलिस ने बताया कि हत्याओं को अंजाम देने के बाद, राजू नहाया और सरसाडांगल गाँव की ओर भाग गया।
संदेह और गिरफ्तारी
पुलिस जब घटनास्थल पर पहुँची, तो घर पर केवल राजू और दोनों लाशें मिलीं। पूछताछ के दौरान, राजू ने असंगत बयान दिए, जिससे पुलिस का संदेह बढ़ गया।
बाद में पूछताछ में उसने हत्याओं की बात स्वीकार कर ली। बाद में पुलिस को **खून के धब्बे वाली लकड़ी की चौकी और उसकी खून से सनी टी-शर्ट मिली।
एसपी खेरवार ने बताया कि सोना मुर्मू की शादी काठीकुंड प्रखंड के जलुवाडुबा गाँव के राजू सोरेन से लगभग डेढ़ साल पहले हुई थी। उनकी एक छह महीने की बच्ची थी, लेकिन कोई लड़का नहीं था—यह भी घर में तनाव का एक और कारण था।
राजू ने बताया कि उसकी पत्नी उससे पूछे बिना घर से बाहर चली जाती थी और गाँव के तालाब के पास घंटों रुकती थी, जिससे उसे उसकी बेवफाई का शक हुआ।
पुलिस कार्रवाई
पुलिस ने हत्या के लिए IPC की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है और आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। जाँच के दौरान घटनास्थल पर मौजूद वरिष्ठ अधिकारियों में एसडीपीओ विजय महतो, प्रशिक्षु डीएसपी आकाश भारद्वाज और शिकारीपाड़ा थाना प्रभारी अमित लाकड़ा शामिल थे।












