Jharkhand News: धनबाद में भूली स्थित आठ लेन सड़क एक बार फिर हादसों की सड़क बन गई है। शुक्रवार देर शाम नावाडीह के पास दो बाइकों की आमने-सामने टक्कर में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद असर्फी अस्पताल में परिजनों और स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा, जिसके चलते अस्पताल परिसर में तोड़फोड़ और हंगामा मच गया। पुलिस ने लाठीचार्ज कर स्थिति को नियंत्रित किया।
नावाडीह के पास भीषण टक्कर, एक युवक की मौत:-
घटना शुक्रवार देर शाम की है। बताया जा रहा है कि तेज रफ्तार में जा रही दो बाइकों की नावाडीह के पास आमने-सामने टक्कर हो गई। इस टक्कर में नावाडीह निवासी नंदू राय (उम्र लगभग 25 वर्ष) की मौके पर ही मौत हो गई।दो अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हो गए जिन्हें आनन-फानन में असर्फी अस्पताल ले जाया गया।
अस्पताल में कर्मियों के रवैये से भड़का गुस्सा:-
इलाज के दौरान अस्पताल कर्मियों के कथित उदासीन रवैये से नाराज परिजनों और स्थानीय लोगों ने विरोध जताया।थोड़ी ही देर में विरोध हंगामे में बदल गया — गुस्साई भीड़ ने अस्पताल के शीशे तोड़ दिए, एंबुलेंस को क्षतिग्रस्त कर दिया, और कुछ उपकरणों को नुकसान पहुँचा दिया।
पुलिस ने किया लाठीचार्ज, तनाव पर काबू:-
स्थिति बिगड़ती देख भूली ओपी पुलिस मौके पर पहुँची। पुलिस ने पहले समझाने की कोशिश की, लेकिन जब भीड़ नहीं मानी तो हल्का लाठीचार्ज कर हालात पर काबू पाया गया।
रात तक अस्पताल और आठ लेन क्षेत्र में तनाव बना रहा। पुलिस बल तैनात कर निगरानी बढ़ा दी गई है।
सड़क सुरक्षा और नागरिक व्यवहार पर सवाल:-
आठ लेन सड़क पर लगातार हो रहे हादसे प्रशासनिक लापरवाही और यातायात नियंत्रण की कमी को दर्शाते हैं।वहीं, हादसे के बाद अस्पतालों में होने वाली तोड़फोड़ जैसी घटनाएँ सामाजिक असंवेदनशीलता और प्रशासनिक भरोसे की कमी की ओर इशारा करती हैं।
विशेषज्ञों की राय
स्थानीय समाजसेवियों और यातायात विशेषज्ञों का कहना है कि सड़क पर स्पीड कंट्रोल ज़ोन और सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएँ।अस्पतालों में आपातकालीन प्रशिक्षण और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाए।नागरिकों को दुर्घटना के बाद संवेदनशील और संयमित व्यवहार अपनाने की सीख दी जाए












